aasmaañ par ik sitaara shaam se betaab hai | आसमाँ पर इक सितारा शाम से बेताब है

  - Qamar Jameel
आसमाँपरइकसिताराशामसेबेताबहै
मेरीआँखोंमेंतुम्हाराग़मनहींहैख़्वाबहै
रातदरियाआईनेमेंइसतरहआयाकिमैं
येसमझकरसोगयादरियानहींइकख़्वाबहै
कामनीसूरतमेंभीइकआरज़ूहैमहव-ए-ख़्वाब
साँवलीरंगतमेंभीइकवस्लकाकम-ख़्वाबहै
मेरीख़ातिरकुछसुनहरीसाँवलीमिट्टीभीथी
वर्नाउसकाजिस्मसारारौशनीकाख़्वाबहै
आसमाँइकबिस्तर-ए-संजाबलगताहैमुझे
औरयेक़ौस-ए-क़ुज़हजैसेकोईमेहराबहै
किसकेइस्तिक़बालकोउट्ठेथेदीवानोंकेहाथ
किसकेमातमकोयहाँयेमजमा-ए-अहबाबहै
याइलाहाबादमेंरहिएजहाँसंगमभीहो
याबनारसमेंजहाँहरघाटपरसैलाबहै
इसनहंग-ए-तिश्नासेज़ोर-आज़माहोकर'जमील'
भूलमतजानाकिआगेभीवहीगिर्दाबहै
  - Qamar Jameel
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