vo baatein ishq kahtaa tha ki saara ghar mahakta tha | वो बातें इश्क़ कहता था कि सारा घर महकता था

  - Qamar Jameel
वोबातेंइश्क़कहताथाकिसाराघरमहकताथा
मिरामहबूबजैसेगुलथाऔरबुलबुलचहकताथा
सफ़रमेंशामहोजातीतोदिलमेंशमएँजलउठतीं
लहूमेंफूलखिलजातेजहाँग़ुंचाचटकताथा
कभीमैंसर्वकीसूरतनज़रआताथायारोंको
कभीग़ुंचेकीसूरतअपनेहीदिलमेंधड़कताथा
ख़ुदाजानेमैंउसकेसाथरहताथाकिआईना
मिरेपर्देमेंअपने-आपकोहैरतसेतकताथा
ख़ुदाजानेवोकैसाआदमीथाजिसकेमाथेपर
कोईबिंदियालगाताथातोइकजुगनूचमकताथा
कभीरहताथाउसकेसाथमैंउसकेगरेबाँमें
कभीफ़ुर्क़तमेंअपनेआइनेपरसरपटकताथा
अँधेरीरातजबसावनमेंआतीथीतोइकबुलबुल
ख़ुदाजानेकहाँसेकेमेरेघरचहकताथा
  - Qamar Jameel
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