kis safar men hain ki ab tak raaste na-deeda hain | किस सफ़र में हैं कि अब तक रास्ते नादीदा हैं

  - Qamar Jameel
किससफ़रमेंहैंकिअबतकरास्तेनादीदाहैं
आसमाँपेशमएँरौशनहैंमगरख़्वाबीदाहैं
कितनीनमहैआँसुओंसेयेसनम-ख़ानेकीख़ाक
येतवाफ़-ए-गुलकेलम्हेकितनेआतिश-दीदाहैं
येगुलिस्ताँहैकिचलतेहैंतमन्नाओंकेख़्वाब
येहवाहैयाबयाबाँकेक़दमलर्ज़ीदाहैं
एकबस्तीइश्क़कीआबादहैदिलकेक़रीब
लेकिनइसबस्तीकेरस्तेकिसक़दरपेचीदाहैं
आजभीहरफूलमेंबू-ए-वफ़ाआवाराहै
आजभीहरज़ख़्ममेंतेरेकरमपोशीदाहैं
आजघरकेआईनेमेंसुब्हसेइकशख़्सहै
औरखिड़कीमेंसितारेशामसेपेचीदाहैं
रहगुज़रकहतीहैजागमाहताब-ए-शाम-ए-यार
हमसर-ए-बाज़ारचलतेहैंमगरख़्वाबीदाहैं
आइनेमेंकिसकीआँखेंदेखताहूँमैं'जमील'
दोकँवलहैंबीचपानीमेंमगरनम-दीदाहैं
  - Qamar Jameel
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