aur koi gham na tha kya jamaane men | और कोई ग़म न था क्या जमाने में

  - Murli Dhakad
औरकोईग़मथाक्याजमानेमें
दिलदहलउठाहैआधेहीपैमानेमें
कोईजन्नतकानामलेलेना
ख़ुदाकेसाथखड़ाहूँवीरानेमें
औरभीहैंसाक़ीकेतलबगार
औरभीलोगहैंमय-ख़ानेमें
तुममुझसेेमेराहासिलपुछतेहो
उम्रगुज़रीहैतुमकोरिझानेमें
तुमसीरतमेंमुझसेेजुदाहोलेकिन
हैतुम्हारादर्दभीमेरेअफ़सानेमें
  - Murli Dhakad
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