Yawar Azeem

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Yawar Azeem shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Yawar Azeem's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Ghazal
तेवरतुम्हारेदेखकरआधासुख़नकरूँँ
वर्नामैंचाहताहूँज़ियादासुख़नकरूँँ
मुझकोमिरीग़ज़लकाचमकनापसंदहै
पूराकरूँँयेनेकइरादासुख़नकरूँँ
ख़ामोशीदबजाएमआ'नीकेबोझसे
आहिस्ताउसकीपुश्तपेलादासुख़नकरूँँ
येकमनुमूचराग़मुझेदेखतेरहें
जबबाद-ए-तुंदसेसर-ए-जादासुख़नकरूँँ
जोबातमेरेदिलमेंहैसबकोपताचले
अक्सरयेसोचताहूँकिसादासुख़नकरूँँ
मेराकमालयेहैबिसात-ए-कमालपर
शाहोंकेरू-ब-रूमैंपियादासुख़नकरूँँ
मैंइकक़दीममत्नकीसूरतलिखाहुआ
पहनूँहुरूफ़-ए-नौकालबादासुख़नकरूँँ
येशा'इरीहैकोईतिजारतनहींजनाब
तुफ़हैअगरबराए-इफ़ादासुख़नकरूँँ
'यावर'मैंकोईशाइ'र-ए-कम-हौसलानहीं
जोदेखकरज़मीनकुशादासुख़नकरूँँ
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Yawar Azeem
फ़ज़ा-ए-शहरकोवहशत-असरतस्लीमकरतेहैं
दिलोंमेंछपकेबैठाहैजोडरतस्लीमकरतेहैं
हमारेघरकीतन्हाईपेपूराहक़हमाराहै
उसेहमअपनेआँगनकाशजरतस्लीमकरतेहैं
जोसचपूछोतोअबवोशयनहींअपनेठिकानेपर
येहमहैंजोउसेअबतकइधरतस्लीमकरतेहैं
मिरीशोरीदगीमुझकोकहींथमनेनहींदेती
भँवरमुझकोब-ज़ात-ए-ख़ुदभँवरतस्लीमकरतेहैं
हमारीज़ातसेसंजीदगीकाख़ोलउतराहै
येतेरीदिल-नवाज़ीकाअसरतस्लीमकरतेहैं
हमइनमहताबचेहरोंकेजिलौमेंघूमनेवाले
तिरीयादोंकोअपनाहम-सफ़रतस्लीमकरतेहैं
वबाजोशहरमेंफैलीहैवोरुकनेनहींवाली
समझतेहैंहमारेचारा-गरतस्लीमकरतेहैं
किसीइंसानसेअपनीतबीअ'तमिलनहींसकती
सबअपनेआपकोफ़र्रूख़-सियरतस्लीमकरतेहैं
तिरीक़ुदरतकेआगेबसनहींचलताकिसीशयका
तिरेबंदेतिरेमुहताज-ए-दरतस्लीमकरतेहैं
अजबज़ौक़-ए-नज़ारादीदा-ए-पुरनमनेबख़्शाहै
ज़िया-ए-अश्ककोआब-ए-गुहरतस्लीमकरतेहैं
मैंअपनीशा'इरीसेमुतमइनहोतानहीं'यावर'
अगरचेमुझकोसबअहल-ए-हुनरतस्लीमकरतेहैं
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Yawar Azeem
हज़रत-ए-मीरकेशागिर्दहैंरूहानीहम
शे'रतख़्लीक़कियाकरतेहैंला-फ़ानीहम
हमजोदरियाकेकिनारोंपेरहाकरतेहैंइश्क़कीमौजमेंबहतेहैंब-आसानीहम
तेरीशादाबी-ए-ख़ातिरकीदु'आकरतेहैं
जबभीआँचलकोतिरेदेखतेहैंधानीहम
या'नीउसआदमीसेकोईहमेंमतलबहै
बातेंहरएकसेकरतेनहींलाया'नीहम
वक़्तकेसाथहरइकचीज़बदलजातीहै
पहलेकहतेथेसरायकीकोमुल्तानीहम
ऐसालगताहैकिसबअपनेसिवाजाहिलहैं
बातजबजानलियाकरतेहैंअनजानीहम
हमतिरेबालबिखेरेंगेखुलेसाहिलपर
तेरेहिस्सेकीतुझेदेंगेपरेशानीहम
ज़िंदगीज़ख़्मतोदेगीकभीयारोंकोभी
मुट्ठियाँभरकेकरेंगेनमक-अफ़्शानीहम
हमसेलड़कीकोईइठलाकेजोबातेंकरले
उसेगुड़ियाहीसमझलेतेहैंजापानीहम
देख'आशिक़हैंतिरेबापकेनौकरतोनहीं
जोतिरेहुस्नकीकरतेरहेंदरबानीहम
सबसितारोंसेनज़रआजबचाकर'यावर'
चूमआएहैंकोईचाँदसीपेशानीहम
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Yawar Azeem
मैंरिफ़अ'तोंकीअनोखीमिसालहोनेलगा
येआसमाँमिरेकाँधोंकीशालहोनेलगा
फ़ज़ाएँगीतोंकीफ़ुर्क़तमेंबाँझहोनेलगीं
शजरगिरेतोपरिंदोंकाकालहोनेलगा
घड़ीघड़ीनईबातोंकीखोजहोनेलगी
हमाराअहदमुजस्सम-सवालहोनेलगा
वराए-ए-जिस्मजोकुछफ़ासलेथेमिटनेलगे
दिलइसअदासशरीक-ए-विसालहोनेलगा
नज़रकेचारोंतरफ़रतजगोंकीबाढ़लगी
किसीसेख़्वाबमेंमिलनामुहालहोनेलगा
मैंचाहताथाकिदुनियाकोतेरेजैसालगूँ
सोतेरेक़ौल-ओ-अमलकीमिसालहोनेलगा
ज़मानेभरकेदुखोंसेरिहाईमिलनेलगी
तिरीनज़रकाकोईयर्ग़मालहोनेलगा
इसेहमारीकोईबद-दुआ'लगेलगे
ख़ुदइसनिज़ामकाचलनामुहालहोनेलगा
जोअहल-ए-हर्फ़थेकमकमहीरहगए'यावर'
हमारेशहरमेंक़हत-उर-रिजालहोनेलगा
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Yawar Azeem
जिंस-ए-दिललेकरभरेबाज़ारतकपहुँचानहीं
एकतकपहुँचाहूँमैंदो-चारतकपहुँचानहीं
मेरेपहलूसेगुरेज़ाँहैवोमेराख़ुश-बदन
इकहिरनहैजोअभीतातारतकपहुँचानहीं
देखनेमेंकुछनहींहैवक़्तकीयेआब-जू
कोईलेकिनउसनदीकेपारतकपहुँचानहीं
काग़ज़ोंपरहमलकीरेंखींचतेहीरहगए
सिलसिलाहर्फ़-ए-अबद-आसारतकपहुँचानहीं
उसकोदश्त-ए-ज़िंदगीमेंकोईमंज़िलकबमिली
जोग़ज़ाल-ए-वक़्तकीरफ़्तारतकपहुँचानहीं
कुछकुछवामाँदगाँकोदेपज़ीराईकाहक़
ठीकहैकोईतिरेमेआ'रतकपहुँचानहीं
तीरगीकीजोंकनेसबपीलियामेरालहू
कोईसूरजमेरेज़ख़्म-ए-तारतकपहुँचानहीं
यारउसमफ़्तूहलड़कीमेंबलाकाहुस्नथा
मेंहीबुज़दिलथाजोदिलकीहारतकपहुँचानहीं
शा'इरीकोयेशरफ़मुझसेमिला‘यावर-अज़ीम’
मैंग़ज़ललेकरकभीदरबारतकपहुँचानहीं
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Yawar Azeem