hazrat-e-mir ke shaagird hain roohani ham | हज़रत-ए-मीर के शागिर्द हैं रूहानी हम

  - Yawar Azeem
हज़रत-ए-मीरकेशागिर्दहैंरूहानीहम
शे'रतख़्लीक़कियाकरतेहैंला-फ़ानीहम
हमजोदरियाकेकिनारोंपेरहाकरतेहैंइश्क़कीमौजमेंबहतेहैंब-आसानीहम
तेरीशादाबी-ए-ख़ातिरकीदु'आकरतेहैं
जबभीआँचलकोतिरेदेखतेहैंधानीहम
या'नीउसआदमीसेकोईहमेंमतलबहै
बातेंहरएकसेकरतेनहींलाया'नीहम
वक़्तकेसाथहरइकचीज़बदलजातीहै
पहलेकहतेथेसरायकीकोमुल्तानीहम
ऐसालगताहैकिसबअपनेसिवाजाहिलहैं
बातजबजानलियाकरतेहैंअनजानीहम
हमतिरेबालबिखेरेंगेखुलेसाहिलपर
तेरेहिस्सेकीतुझेदेंगेपरेशानीहम
ज़िंदगीज़ख़्मतोदेगीकभीयारोंकोभी
मुट्ठियाँभरकेकरेंगेनमक-अफ़्शानीहम
हमसेलड़कीकोईइठलाकेजोबातेंकरले
उसेगुड़ियाहीसमझलेतेहैंजापानीहम
देख'आशिक़हैंतिरेबापकेनौकरतोनहीं
जोतिरेहुस्नकीकरतेरहेंदरबानीहम
सबसितारोंसेनज़रआजबचाकर'यावर'
चूमआएहैंकोईचाँदसीपेशानीहम
  - Yawar Azeem
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