har aadmi men taalluq ki bhook paida kar | हर आदमी में त'अल्लुक़ की भूक पैदा कर

  - Yawar Azeem
हरआदमीमेंत'अल्लुक़कीभूकपैदाकर
तूख़ुदमेंआदत-ए-हुस्न-ए-सुलूकपैदाकर
ख़याल-ओ-ख़्वाबकोमैकानिकीअमलबना
येज़िंदगीहैकोईभूलचूकपैदाकर
तुझेसुख़नकीइजाज़तखड़ीशरीफ़सेहो
ग़ज़लमेंनुदरत-ए-सैफ़-उल-मुलूकपैदाकर
ख़ज़ानेसेयूँँहीख़ालीरखतिजोरीको
दिल-ए-तहीमेंमोहब्बतकीहूकपैदाकर
फ़ज़ा-ए-जब्रतिरेबोलनेसेकाँपउठे
तूज़ख़्मज़ख़्मगलेसेवोकूकपैदाकर
  - Yawar Azeem
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