mire kaaghaz pe hain lafzon ke taabinda sitaare | मिरे काग़ज़ पे हैं लफ़्ज़ों के ताबिंदा सितारे

  - Yawar Azeem
मिरेकाग़ज़पेहैंलफ़्ज़ोंकेताबिंदासितारे
ज़मीन-ए-शेरसेनिकलेदरख़्शंदासितारे
बिसात-ए-रफ़्तगान-ए-फ़नलपेटीजाचुकीहै
सर-ए-चर्ख़-ए-हुनरमौजूदहैंज़िंदासितारे
मुक़द्दरकीलकीरेंखींचनेवालाख़ुदाहै
नहींहोतेमुक़द्दरकेनवीसंदासितारे
नदामतकेसबबक्यामुँहदिखाएँगेसहरको
किहैंजुर्म-ए-तुनुक-ताबीपेशर्मिंदासितारे
होंगेबै'अत-ए-शबकेलिएतय्यारहरगिज़
वोमौजूदासितारेहोंकिआइंदासितारे
फ़सील-ए-वक़्तपरकंदारहेगानामअपना
किहमहैंअहद-ए-हाज़िरकेनुमाइंदासितारे
ज़मींकेगोशेगोशेपरनज़ररखतेहैं'यावर'
जमाल-ए-सुब्ह-ए-फ़र्दाकेहैंजोइंदासितारे
  - Yawar Azeem
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