जिंस-ए-दिललेकरभरेबाज़ारतकपहुँचानहीं
एकतकपहुँचाहूँमैंदो-चारतकपहुँचानहीं
मेरेपहलूसेगुरेज़ाँहैवोमेराख़ुश-बदन
इकहिरनहैजोअभीतातारतकपहुँचानहीं
देखनेमेंकुछनहींहैवक़्तकीयेआब-जू
कोईलेकिनउसनदीकेपारतकपहुँचानहीं
काग़ज़ोंपरहमलकीरेंखींचतेहीरहगए
सिलसिलाहर्फ़-ए-अबद-आसारतकपहुँचानहीं
उसकोदश्त-ए-ज़िंदगीमेंकोईमंज़िलकबमिली
जोग़ज़ाल-ए-वक़्तकीरफ़्तारतकपहुँचानहीं
कुछनकुछवामाँदगाँकोदेपज़ीराईकाहक़
ठीकहैकोईतिरेमेआ'रतकपहुँचानहीं
तीरगीकीजोंकनेसबपीलियामेरालहू
कोईसूरजमेरेज़ख़्म-ए-तारतकपहुँचानहीं
यारउसमफ़्तूहलड़कीमेंबलाकाहुस्नथा
मेंहीबुज़दिलथाजोदिलकीहारतकपहुँचानहीं
शा'इरीकोयेशरफ़मुझसेमिला‘यावर-अज़ीम’
मैंग़ज़ललेकरकभीदरबारतकपहुँचानहीं