tamaam rishton ko be-kudoorat banaa diya hai | तमाम रिश्तों को बे-कुदूरत बना दिया है

  - Yawar Azeem
तमामरिश्तोंकोबे-कुदूरतबनादियाहै
हमेंमोहब्बतनेख़ूब-सूरतबनादियाहै
वोआदतनबे-नियाज़लड़कीथीजिसनेख़ुदको
हमारीख़ातिरवफ़ाकीमूरतबनादियाहै
मैंतेरेबिनज़िंदगीगुज़ारूँतोख़ुदकोहारूँ
कितूनेख़ुदकोमिरीज़रूरतबनादियाहै
तुम्हारीख़ातिरलिखीहुईअव्वलींग़ज़लको
किताब-ए-इम्काँकीपहलीसूरतबनादियाहै
पुरानेवा'दोंकीधज्जियोंकोमिलाके'यावर'
मिलनकाहमनेशगुनमहूरतबनादियाहै
  - Yawar Azeem
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