Rafiq Khawar Jaskani

Rafiq Khawar Jaskani

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Rafiq Khawar Jaskani shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Rafiq Khawar Jaskani's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Rafiq Khawar Jaskani
मुद्दतहुईख़मोशी-ए-इज़हार-ए-हालको
आब-ए-सदाहीदीजिएदश्त-ए-ख़यालको
फिरएकशाख़-ए-ज़र्दगिरीख़ाकहोगई
फिरबर्ग-ए-नौमिलेशजर-ए-माह-ओ-सालको
झोंकायेकिसकेलम्स-ए-गुरेज़ाँकीतरहथा
अबहलहीकरतेरहिएहवाकेसवालको
हम-रंग-ए-माह-ताबथावोइसमेंखोगया
अबकितनीदूरफेंकिएनज़रोंकेजालको
शबभरहवाकेरंगबदलतेरहेनए
मैंदेखतारहासफ़र-ए-बर-शगालको
जाएगाख़ून-ए-शबकिसीतौरराएगाँ
मुँहपरमलेगीसुब्हशफ़क़केगुलालको
जचतेनहींनिगाहमेंख़ुशियोंकेआफ़्ताब
दिलढूँढताहैकिसग़म-ए-ज़ोहरा-ए-जमालको
इंसानियतकेदर्दकीआवाज़बनसके
सोज़-ए-नवासेसींचिएज़ख़्म-ए-ख़यालको
दीजेफिरआब-ए-दीदा-ए-तरसेहयात-ए-नौ
फ़न्न-ओ-अदबकेसब्ज़ा-ए-नौ-पाएमालको
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Rafiq Khawar Jaskani
रातबेज़ारसाघरसेजोमैंतन्हानिकला
चाँदभीजैसेमेरेग़मकाशनासानिकला
सर-ब-सरडूबगयारातकेसन्नाटेमें
चाँदनीजिसकोमैंसमझाथावोदरियानिकला
दूरसेआईगलीमेंकहींक़दमोंकीसदा
अपनाघरछोड़केमुझसाकोईतन्हानिकला
सोईथीचाँदनीपत्तोंसेढकीसड़कोंपर
एकझोंकासर-ए-शबख़ाकउड़ातानिकला
सामनेघरकेतिरेकोईखड़ाथाजैसे
वहमअपनातिरीदीवारकासायानिकला
चाँदनीराह-ए-मुलाक़ातमेंदीवारबनी
चाँदभीजैसेतिराचाहनेवालानिकला
रातकेमोड़पेकौनआइना-बरदारमिला
जिसकोसमझाथातिरीयादज़मानानिकला
रातभरमौज-ए-हवासेतिरीख़ुश्बूआई
चाँद-तारोंमेंतिरानक़्श-ए-कफ़-ए-पानिकला
इसभरेशहरमेंहमचाक-ए-गरेबाँठहरे
जिसकोदेखावहीसरगर्म-ए-तमाशानिकला
हमतोइसदिलहीकोसमझेथेबयाबाँ'ख़ावर'
चाँदभीदूरतकइकरंगकासहरानिकला
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Rafiq Khawar Jaskani
ख़िज़ाँकेज़ख़्महवाकीमहकसेभरनेलगे
निगार-ए-गुलकेख़द-ओ-ख़ालफिरनिखरनेलगे
येसूखेसह
मेंशजरदेखमार्चआनेपर
तेरेबदनकीतरहशाख़शाख़भरनेलगे
ग़म-ए-हयातफिरआनेलगीसदा-ए-जरस
दयार-ए-शबसेतिरेक़ाफ़िलेगुज़रनेलगे
उदासरातकेदरवाज़ेवाहैंजैसेअभी
दर-ए-निगाहसेदिलमेंकोईउतरनेलगे
सराब-ए-दश्त-ए-तमन्नासेकौनगुज़राहै
किचश्मा-ए-ग़म-ए-दिलबूँदबूँदझरनेलगे
येझिलमिलातेसितारेयेज़ख़्म-ए-सीना-ए-शब
उफ़ुक़केपहलेउजालेसेजैसेभरनेलगे
नुजूम-ए-शबकीज़बाँपरहैगुफ़्ता-ए-'इक़बाल'
वोफिरसेआदम-ए-ख़ाकीकीबातकरनेलगे
ज़मींसेदूरभीअबनक़्श-ए-पा-ए-इंसाँसे
कईजहानख़लामेंनएउभरनेलगे
वोअब्र-ए-राह-गुज़रकीतहोंमेंडूबाचाँद
हवाचलेतोअभीतैरकरउभरनेलगे
हैउसकेअक्सकीतज्सीममेरेफ़नसेवरा
वोआइनेकिसदाकीतरहबिखरनेलगे
वोअब्रहोकिधनकहोकोईतोहो'ख़ावर'
फ़ज़ाकेशानेपेजोज़ुल्फ़सासँवरनेलगे
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Rafiq Khawar Jaskani
ख़लाकीमंज़िल-ए-पायाबकापताभीमैं
औरअपनेआपमेंइकबे-कराँख़लाभीमैं
फ़ज़ाकेसीनेमेंबेताबशोरिशेंमुझसे
दिल-ए-वजूदकीइकआह-ए-ना-रसाभीमैं
मैंअपनीशाख़-ए-ख़मीदाकाबर्ग-ए-शोरीदा
शजरकाजिस्मभीमैंजिस्मसेजुदाभीमैं
तिरेवजूदकेइदराकतकपहुँचतीहुई
यक़ींकीगूँजभीमैंवहमकीहवाभीमैं
मुझीसेफ़िक्र-ओ-नज़रकेसनम-कदेरौशन
औरअपनेआपकोअबतकपासकाभीमैं
जमाल-ए-सुब्ह-ए-सुकूँशाम-ए-इज़्तिराबकारंग
सुकूत-ए-ज़र्दभीमैंसुर्ख़ी-ए-सदाभीमैं
वरा-ए-फ़हमहैमेरेतज़ादकाआलम
किनोक-ए-ख़ारभीमैंऔरबरहना-पाभीमैं
मिरेसितमकीख़राशेंमिरेहीचेहरेपर
अवधकीशामभीमैंऔरहीरोशीमाभीमैं
मिरेजुनूँकेकरिश्मेंमिरीरियाकेतिलिस्म
किवियतनामभीमैंऔरजेनेवाभीमैं
ब-क़ौल-ए-शाइर-ए-मशरिक़मैंअपनाक़ातिल-ए-जाँ
हवा-ए-तुंदभीमैंबर्ग-ए-बे-नवाभीमैं
ज़वाल-ए-आदम-ए-ख़ाकीकीइब्तिदामुझसे
औरउसकीअज़्मत-ए-पैहमकाइर्तिक़ाभीमैं
मुझीकोछूसकी'डार्विन'कीहद्द-ए-गुमाँ
औरआजख़ल्वत-ए-महताबतकरसाभीमैं
मुझेतोजैसेवोअन-देखारास्तालगा
ख़लाकेजादा-ए-मानूसपरचलाभीमैं
फ़नाकीमौजमिरीरूहकेमकाँसेख़जिल
असीर-ए-वक़्तभीमैंवक़्तसेवराभीमैं
हिसार-ए-जिस्मकेदीवार-ओ-बाममेंमहबूस
हुदूद-ए-कौन-ओ-मकाँसेगुज़रगयाभीमैं
गदा-ए-नुत्क़भीमैंख़ालिक़-ए-अज़लकेहुज़ूर
औरअपनेदर्दकीआवाज़काख़ुदाभीमैं
मिरेशरारा-ए-फ़नसेहैरौशनीहरसू
औरअपनेशो'ला-ए-एहसासमेंजलाभीमैं
ज़बान-ए-हर्फ़कीसेहर-आफ़रीनियाँमुझसे
लब-ए-ख़यालकीतक़रीर-ए-बे-सदाभीमैं
मैंउसकीसोचकाइकशाहकारभी'ख़ावर'
औरउसकेशौक़कादिलचस्पहादसाभीमैं
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Rafiq Khawar Jaskani
बिखराकेहमग़ुबारसावहम-ओ-ख़यालपर
पत्तोंकीतरहडोलतेफिरतेहैंमालपर
अपनेहीपाँवबसमेंनहींऔरयारलोग
तन्क़ीदकररहेहैंसितारोंकीचालपर
येमालआँचलोंकासुबुकसारआबशार
सद-मौज-ए-रंग-ओ-नूरहैलम्होंकीफ़ालपर
बहतेहुजूमशामकेलम्होंकासैलहम
रक़्साँहैंज़ेहनझूमतेक़दमोंकेतालपर
उलझेहुएहैंबहसमेंवारफ़्तगान-ए-शाम
हैगुफ़्तुगूअदबकेउरूज-ओ-ज़वालपर
तयराह-गुज़ार-ए-पाहैमौज़ू-ए-गुफ़्तुगू
व्हिस्कीकेधुँदलकेहैंजवाब-ओ-सवालपर
'ग़ालिब'काज़िक्रथाअभी'शेली'परगए
पहुँचे'मलार
में'सेजलाल-ओ-जमालपर
झोंकोंकेसाथसाथकोईताएर-ए-ख़याल
बैठताहैज़ेहनकीशादाबडालपर
गर्द-ए-सफ़रसेप्यारहैमंज़िलकाग़मनहीं
यूँँचलरहेहैंरहगुज़र-ए-माह-ओ-सालपर
छाएहुएहैंसोचकेसाएकहींकहीं
छिटकीहुईहैचाँदनीबाम-ए-ख़यालपर
हरसायाअपनीअपनीगुफामेंलुढ़कगया
हमलोगघूमतेरहेसुनसानमालपर
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Rafiq Khawar Jaskani
फिरतेज़हवाचलतेहीबे-कलहुईंशाख़ें
किसदर्दकेएहसाससेबोझलहुईंशाख़ें
क्यासोचकेरक़्साँहैंसर-ए-शामखुलेसर
किसकाहिश-ए-बे-नामसेपागलहुईंशाख़ें
गिरतेहुएपत्तोंकीतड़पतीहुईलाशें
सद-तनतना-ए-ज़ीस्तकामक़्तलहुईंशाख़ें
तरसीहुईबाहेंहैंहुमकतेहुएआग़ोश
दीवानगी-ए-शौक़कासिंबलहुईंशाख़ें
फिररातकेअश्कोंसेफ़ज़ाभीगचलीहै
फिरओसकीबरसातसेशीतलहुईंशाख़ें
झोंकेहैंकिशहनाईकेसुरजागरहेहैं
इकनग़्मा-गर-ए-नाज़कीपायलहुईंशाख़ें
बरगदकातनाएकसदीउम्र-ए-रवाँकी
साएहैंमह-ओ-सालतोपलपलहुईंशाख़ें
हरडालपेइकटूटतीअंगड़ाईकाआलम
शब-भरजोहवातेज़रहीशलहुईंशाख़ें
जाताहुआमहताबजोदम-भरकोरुकाहै
इकमहवश-ए-तन्नाज़काआँचलहुईंशाख़ें
जबडूबगयाग़मकेउफ़ुक़मेंदिल-ए-तन्हा
महताबसेदूरआँखसेओझलहुईंशाख़ें
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Rafiq Khawar Jaskani
रातकेसाँसकीमहकारसेसरशारहवा
जागतेशहरसुलादेतीहैबेदारहवा
होकेसैराबख़म-ए-शबसेसर-ए-दामन-ए-गुल
सूरत-ए-अब्रबरसजातीहैमय-ख़्वारहवा
जानेकिसतरहख़लाओंमेंधनकबनतीहै
चाँदकीरंगभरीझीलकेउसपारहवा
तालिब-ए-मौज-ए-सहरजातीहैलहरोंपेसवार
साहिल-ए-शबसेउठातीहैजोपतवारहवा
कितनीयादेंहैंकिझोंकोंकीतरहतैरतीहैं
छोड़आतीहैसफ़रमेंजिन्हेंमंजधारहवा
सरखुलेख़ाकउड़ातीहुईआँगनआँगन
रातकेदर्दकाकरजातीहैइज़हारहवा
चाँदकेरसमेंबुझेलम्होंकीतन्हाईमें
ज़हर-ए-हिज्राँमेंहैडूबीहुईतलवारहवा
कितनेलम्हेथेकिअश्कोंकीतरहबरसेथे
रातगुज़रीथीजोगातीहुईमल्हारहवा
ज़र्दशाख़ोंकीपतावरमेंउठातीहुईहश्र
'कीट्स'कीनज़्मकाजैसेकोईकिरदारहवा
वोतिरीझूमतीज़ुल्फ़ोंकाघनाजंगलहै
भूलजातीहैजहाँशोख़ी-ए-रफ़्तारहवा
आसमाँपरसफ़र-ए-मौज-ए-सहरसपहले
रोज़उठादेतीहैइकरंगकीदीवारहवा
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Rafiq Khawar Jaskani