raat bezaar sa ghar se jo main tanhaa niklaa | रात बेज़ार सा घर से जो मैं तन्हा निकला

  - Rafiq Khawar Jaskani
रातबेज़ारसाघरसेजोमैंतन्हानिकला
चाँदभीजैसेमेरेग़मकाशनासानिकला
सर-ब-सरडूबगयारातकेसन्नाटेमें
चाँदनीजिसकोमैंसमझाथावोदरियानिकला
दूरसेआईगलीमेंकहींक़दमोंकीसदा
अपनाघरछोड़केमुझसाकोईतन्हानिकला
सोईथीचाँदनीपत्तोंसेढकीसड़कोंपर
एकझोंकासर-ए-शबख़ाकउड़ातानिकला
सामनेघरकेतिरेकोईखड़ाथाजैसे
वहमअपनातिरीदीवारकासायानिकला
चाँदनीराह-ए-मुलाक़ातमेंदीवारबनी
चाँदभीजैसेतिराचाहनेवालानिकला
रातकेमोड़पेकौनआइना-बरदारमिला
जिसकोसमझाथातिरीयादज़मानानिकला
रातभरमौज-ए-हवासेतिरीख़ुश्बूआई
चाँद-तारोंमेंतिरानक़्श-ए-कफ़-ए-पानिकला
इसभरेशहरमेंहमचाक-ए-गरेबाँठहरे
जिसकोदेखावहीसरगर्म-ए-तमाशानिकला
हमतोइसदिलहीकोसमझेथेबयाबाँ'ख़ावर'
चाँदभीदूरतकइकरंगकासहरानिकला
  - Rafiq Khawar Jaskani
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy