बिखराकेहमग़ुबारसावहम-ओ-ख़यालपर
पत्तोंकीतरहडोलतेफिरतेहैंमालपर
अपनेहीपाँवबसमेंनहींऔरयारलोग
तन्क़ीदकररहेहैंसितारोंकीचालपर
येमालआँचलोंकासुबुकसारआबशार
सद-मौज-ए-रंग-ओ-नूरहैलम्होंकीफ़ालपर
बहतेहुजूमशामकेलम्होंकासैलहम
रक़्साँहैंज़ेहनझूमतेक़दमोंकेतालपर
उलझेहुएहैंबहसमेंवारफ़्तगान-ए-शाम
हैगुफ़्तुगूअदबकेउरूज-ओ-ज़वालपर
तयराह-गुज़ार-ए-पाहैनमौज़ू-ए-गुफ़्तुगू
व्हिस्कीकेधुँदलकेहैंजवाब-ओ-सवालपर
'ग़ालिब'काज़िक्रथाअभी'शेली'परआगए
पहुँचे'मलार
में'सेजलाल-ओ-जमालपर
झोंकोंकेसाथसाथकोईताएर-ए-ख़याल
आबैठताहैज़ेहनकीशादाबडालपर
गर्द-ए-सफ़रसेप्यारहैमंज़िलकाग़मनहीं
यूँँचलरहेहैंरहगुज़र-ए-माह-ओ-सालपर
छाएहुएहैंसोचकेसाएकहींकहीं
छिटकीहुईहैचाँदनीबाम-ए-ख़यालपर
हरसायाअपनीअपनीगुफामेंलुढ़कगया
हमलोगघूमतेरहेसुनसानमालपर