khala ki manzil-e-paayaab ka pata bhi main | ख़ला की मंज़िल-ए-पायाब का पता भी मैं

  - Rafiq Khawar Jaskani
ख़लाकीमंज़िल-ए-पायाबकापताभीमैं
औरअपनेआपमेंइकबे-कराँख़लाभीमैं
फ़ज़ाकेसीनेमेंबेताबशोरिशेंमुझसे
दिल-ए-वजूदकीइकआह-ए-ना-रसाभीमैं
मैंअपनीशाख़-ए-ख़मीदाकाबर्ग-ए-शोरीदा
शजरकाजिस्मभीमैंजिस्मसेजुदाभीमैं
तिरेवजूदकेइदराकतकपहुँचतीहुई
यक़ींकीगूँजभीमैंवहमकीहवाभीमैं
मुझीसेफ़िक्र-ओ-नज़रकेसनम-कदेरौशन
औरअपनेआपकोअबतकपासकाभीमैं
जमाल-ए-सुब्ह-ए-सुकूँशाम-ए-इज़्तिराबकारंग
सुकूत-ए-ज़र्दभीमैंसुर्ख़ी-ए-सदाभीमैं
वरा-ए-फ़हमहैमेरेतज़ादकाआलम
किनोक-ए-ख़ारभीमैंऔरबरहना-पाभीमैं
मिरेसितमकीख़राशेंमिरेहीचेहरेपर
अवधकीशामभीमैंऔरहीरोशीमाभीमैं
मिरेजुनूँकेकरिश्मेंमिरीरियाकेतिलिस्म
किवियतनामभीमैंऔरजेनेवाभीमैं
ब-क़ौल-ए-शाइर-ए-मशरिक़मैंअपनाक़ातिल-ए-जाँ
हवा-ए-तुंदभीमैंबर्ग-ए-बे-नवाभीमैं
ज़वाल-ए-आदम-ए-ख़ाकीकीइब्तिदामुझसे
औरउसकीअज़्मत-ए-पैहमकाइर्तिक़ाभीमैं
मुझीकोछूसकी'डार्विन'कीहद्द-ए-गुमाँ
औरआजख़ल्वत-ए-महताबतकरसाभीमैं
मुझेतोजैसेवोअन-देखारास्तालगा
ख़लाकेजादा-ए-मानूसपरचलाभीमैं
फ़नाकीमौजमिरीरूहकेमकाँसेख़जिल
असीर-ए-वक़्तभीमैंवक़्तसेवराभीमैं
हिसार-ए-जिस्मकेदीवार-ओ-बाममेंमहबूस
हुदूद-ए-कौन-ओ-मकाँसेगुज़रगयाभीमैं
गदा-ए-नुत्क़भीमैंख़ालिक़-ए-अज़लकेहुज़ूर
औरअपनेदर्दकीआवाज़काख़ुदाभीमैं
मिरेशरारा-ए-फ़नसेहैरौशनीहरसू
औरअपनेशो'ला-ए-एहसासमेंजलाभीमैं
ज़बान-ए-हर्फ़कीसेहर-आफ़रीनियाँमुझसे
लब-ए-ख़यालकीतक़रीर-ए-बे-सदाभीमैं
मैंउसकीसोचकाइकशाहकारभी'ख़ावर'
औरउसकेशौक़कादिलचस्पहादसाभीमैं
  - Rafiq Khawar Jaskani
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy