हरेपत्तोंनेसमझाहैजड़ोंकादुख
वगरनाकौनसमझेहमबड़ोंकादुख
महलकीज़दपेपैसारक़्सकरताहै
ग़रीबीनेचखाबसझोपड़ोंकादुख
नएकमरेकीसीलनसेखुलामुझपर
घुटनकीचाकपरबैठेघड़ोंकादुख
केबेवाकेलिएज़ंजीरज़ेवरहै
सुहागनहीबताएगीकड़ोंकादुख
जिन्होंनेमौतदेखीमरचुकेसमझो
नहींआयासुख़नतकआँकड़ोंकादुख