kya hua kam hai gar zindagi ki samajh | क्या हुआ कम है गर ज़िंदगी की समझ

  - Neeraj Neer
क्याहुआकमहैगरज़िंदगीकीसमझ
सबकोहोतीनहींशा'इरीकीसमझ
काशसीनेसेलगकरकेकहतीमैंहूँ
मानलेताकिहैख़ामुशीकीसमझ
तुमनेतोहालभीमेरापूछानहीं
उसपेदावातिरादोस्तीकीसमझ
वक़्तअपनाबुराचलरहाइसलिए
सबसेेअच्छीहैमेरीघडीकीसमझ
हिज्रमेंवस्लकीबातमतकरसमझ
राखमेंक़ैदहैतिशनगीकीसमझ
मैंकमरबंदपेशे'रकैसेकहूँ
खारहीइश्क़कोकरधनीकीसमझ
इल्मतोबादमेंकामआयामिरे
उसकोखोकरहुईशा'इरीकीसमझ
एकलड़कीजोसोलहमेंब्याहीगई
पासउसकेथीबसओढ़नीकीसमझ
-नीरजनीर
  - Neeraj Neer
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