Jagdeesh Raj Figar

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Jagdeesh Raj Figar shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Jagdeesh Raj Figar's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Ghazal
जोफ़क़तरहतेहोंदिनकोबे-क़रार
महवशोंमेंकीजिएउनकाशुमार
जिसपेसहवनहोगयामेरानुज़ूल
ज़ातउसकीहोगईबसआब-दार
वोमिरीसाँसोंकेरस्तेहोलिया
जोउठादिलसेकभीगर्द-ओ-ग़ुबार
ख़ालिक़-ए-कौनैनसेक्यावास्ता
जबमिराकिरदारठहराकिर्दगार
दिनकोहूँमैंगर्मशबकोसर्दहूँ
मेरीहस्तीक्यानहींहैरेग-ज़ार
कश्मकशजारीहैजोअफ़्लाकमें
देखिएहासिलहोकिसकोइक़्तिदार
औरभीतोहैंयहाँकितनेमुक़ीम
पाँवधरतीपरतूइतनेपसार
मौतसेकहदोइसमेंदख़्लदे
ज़ीस्तसेहैरब्तमेराउस्तुवार
मौतकापहलेहीपरतवदेखलूँ
दिलकेदर्पनपरहैउसकाइंहिसार
एकसूखाखेतहैवोजिसजगह
मैंवहाँहूँआब-जूकारहगुज़ार
येजोआलमहैकभीइकदेसथा
इससेकटकरबनगएकितनेदयार
ख़ाकहूँयामोमहूँक्याइम्तियाज़
शम-ए-महफ़िलहूँकिहूँशम-ए-मज़ार
हब्सकेज़िंदानमेंरक्खाहैक्यूँ
मैंतोज़िंदानीनहींहूँ'फ़िगार'
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Jagdeesh Raj Figar
येनादाँज़ेहनहैजोसोचताहै
ख़लामेंक्याकहेंसौत-ओ-सदाहै
क़लमनेजोभीकाग़ज़परलिखाहै
मिरेअफ़्कारकावोआइनाहै
इकऐसाभीहैपानीकापरिंदा
तह-ए-क़ुल्ज़ुमपेजिसकाघोंसलाहै
फ़रिश्तोंकीपढ़ोतोहस्तरेखा
दवामउनकेमुक़द्दरमेंलिखाहै
उतारेंगेकभीतौक़-ए-ग़ुलामी
हवाओंकाफ़ज़ाओंनेकहाहै
ज़मींकोअबनहींपहलीसीहरकत
क़मरभीदूरहोताजारहाहै
वहीनाज़िलहुईहैआसमाँसे
किहरबच्चाजहाँकादेवताहै
तमामअसरारखोलेगावोअपने
गगनधरतीकीजानिबचलपड़ाहै
रवाबितइसकेबे-मा'नीहैंसारे
ज़मान-ए-हालसेजोकटगयाहै
मुक़य्यदहीरहाहूँघरमेंअपने
युगोंसेसिलसिलायेचलरहाहै
जहाँकोतंग-बीनीकायेतोहफ़ा
फ़लककीवुसअ'तोंसेक्यामिलाहै
'फ़िगार'इकपैकर-ए-हिल्म-ओ-तहम्मुल
बनाकरसबकेघरमेंरखदियाहै
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Jagdeesh Raj Figar
मैंनेजबतबजिधरजिधरदेखा
अपनीसूरतकाहीबशरदेखा
रेतमेंदफ़्नथेमकानजहाँ
उनपेमिट्टीकाभीअसरदेखा
जबसुकूनतथीमेरीबर्ज़ख़में
नेकरूहोंकाइकनगरदेखा
जोबरहनामुदामरहताथा
मैंनेमल्बूसवोशजरदेखा
अपनेमस्लकपेगामज़नथाजब
रौशनीकोभीहम-सफ़रदेखा
मुझपेथाहरवजूदकासाया
धूपकोजबबरहना-सरदेखा
मुझकोएहसासबरतरीकाहुआ
रिफ़अ'तोंकोजबइकनज़रदेखा
जिसकीतौहीनकीसितारोंने
मैंनेऐसाभीइकक़मरदेखा
उसकेरुख़परमिराहीपरतवथा
मैंनेजिसकोभीइकनज़रदेखा
उसकीरूदादबूमसेपूछो
जोभीकुछउसनेरात-भरदेखा
मेरीचिड़ियोंसेथीरिफ़ाक़तक्या
साफ़सुथराजोअपनाघरदेखा
देखनाथाकिदेवसाभीहूँ
चढ़केकंधोंपेअपनासरदेखा
आत्मासेजोराब्ताथामिरा
ज़ातअपनीमेंईश्वरदेखा
बहर-ओ-बरसेवोमुख़्तलिफ़था'फ़िगार'
मैंनेमंज़रजोऔजपरदेखा
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Jagdeesh Raj Figar
तपिशसेभागकरप्यासागयाहै
समुंदरकीतरफ़सहरागयाहै
कुआँमौजूदहैजलभीमुयस्सर
वोमेरेघरसेक्यूँँतिश्नागयाहै
दोबारारूहउसमेंफूँकदोतुम
बदनजोफिरअकेलागयाहै
ज़माँअपनीरविशपरतोहैक़ाएम
मगरलम्हातमेंफ़र्क़गयाहै
सफ़रमेंताज़ा-दमहोगावोकैसे
जोघरहीसेथका-माँदागयाहै
बनाहोगाख़स-ओ-ख़ाशाकसेवो
जोनभजलताहुआदेखागयाहै
मुझेलहरोंकीकश्तीपरबिठाकर
भँवरकीखोजमेंदरियागयाहै
ज़मींसेभीतवक़्क़ोकुछहैऐसी
दिमाग़-ए-चर्ख़जबचकरागयाहै
जोउतराअर्शकाइकएकतबक़ा
ज़मींपरदायराबनतागयाहै
फ़िक्र-ए-वर्ताथीउसकोज़राभी
वोकश्तीज़ीस्तकीखेतागयाहै
'फ़िगार'उसमेंवजूदउसकामिलेगा
जोजूयाँबहरकाक़तरागयाहै
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Jagdeesh Raj Figar
Jagdeesh Raj Figar
आदमीथाक्यावहीइककामका
अर्ज़परजिसकाकोईमस्कनथा
जोकिसीनेपैरहनमुझकोदिया
वोमिरेहीतनकाहिस्साबनगया
हमथेजुड़वाँइसलिएतनएकथा
एकसर्जननेअलगहमकोकिया
जलमेंजबतकमैंरहाज़िंदारहा
तटपेसागरकेमैंकरमरगया
जबकभीमैंसोचनेकुछलगपड़ा
दूरतकफिरसिलसिलाचलतारहा
मैंज़मींपरइकतरहकाबोझथा
वोतोमाँथीउसकोयेसहनापड़ा
वज्दमेंआताकभीतोपेड़की
टहनियोंपरचढ़केअक्सरझूलता
थामैंसालिकइकअनोखादहरमें
जोभीमस्लकमिलगयामैंचलपड़ा
आलम-ए-जबरूतकासाकिनथामैं
आलम-ए-सिफ़्लीमेंकैसेगया
हादसेकोरोकनाथाइसलिए
रास्तेपरहोगयाजाकरखड़ा
बंदकरतेथेकभीथेखोलते
रूपदरवाज़ेकामुझकोक्यामिला
लेटजातापीठकेबलफ़र्शपर
देखलेताजबभीआतेमेंक़ज़ा
जोसमावीथेक़मरपरजाबसे
मैंथाख़ाकीदहरमेंहीरहगया
मुझकोदेनाथा'फ़िगार'उनकाजवाब
चिट्ठियोंकासामनेअम्बारथा
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