khaandaani qaul ka to paas rakh | ख़ानदानी क़ौल का तो पास रख

  - Jagdeesh Raj Figar
ख़ानदानीक़ौलकातोपासरख
रामहैतोसामनेबन-बासरख
आसकेगौहरभीकुछमिलजाएँगे
यासकेकुछपत्थरोंकोपासरख
तूइमारतकेमहलकाख़्वाबछोड़
ख़्वाबमेंबसझोंपड़ीकाबासरख
महज़तेरीज़ाततकमहदूदक्यूँँ
मौसमोंकेकैफ़काभीपासरख
दहरमेंमाज़ीभीथातेराभूल
आनेवालेकलमेंभीविश्वासरख
तुझकोअपनेग़मकातोएहसासहो
अपनेपहलूमेंदिल-ए-हस्सासरख
दौलत-ए-इफ़्लासतुझकोमिलगई
दौलत-ए-कौनैनकीअबआसरख
मुब्तदीकोलौहसेहैवास्ता
तूतोहैअहल-ए-क़लमक़िर्तासरख
बोस्ताँसबकोलगेतेरावजूद
अपनेतनमेंइसलिएबू-बासरख
येज़माँहैतेज़-रौघोड़ानहीं
हाथमेंअपनेउसकीरासरख
साहिब-ए-मक़्दूरहैमाना'फ़िगार'
येतुझेकिसनेकहाथादासरख
  - Jagdeesh Raj Figar
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