Al-Haaj Al-Hafiz

Al-Haaj Al-Hafiz

@al-haaj-al-hafiz

Al-Haaj Al-Hafiz shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Al-Haaj Al-Hafiz's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

0

Content

11

Likes

0

Shayari
Audios
  • Ghazal
Al-Haaj Al-Hafiz
चाहकेउलझेहुएरिश्तेकोसुलझानेचले
उलझनेंहदसेबढ़ींतोदिलकोबहकानेचले
पीगयातिश्ना-दहानीमेंख़ुदाजानेमैंक्या
क्यूँरसीलीआँखसेवोआगभड़कानेचले
आइनाजौहरसख़ालीहोतोआईनानहीं
इसढलेचेहरेपेक्यातुमहुस्नचमकानेचले
सरगुज़िश्तअपनेफ़सानेकीकहूँक्यानदीम
मुंसिफ़ीफिरउठगईजबख़ुदवोसमझानेचले
मो'जिज़ाइसमाजरा-ए-दिलकाअबतोमानलो
सबहुएमुश्ताक़जबहमकहकेअफ़्सानेचले
ग़महोयाराहतकिसीसेदिलबहलताहीनहीं
जबकुछभीबनपड़ीतोख़ुदकोफुसलानेचले
राहमेंकाँटेबिछाएथेजिन्होंनेआजक्यूँ
बाग़मेंदेखातोहँसकरफूलबरसानेचले
राज़-ए-दिलकुछपागए'दीवान'साहिबवर्नातो
किसख़ुशीमेंवोहमारेरंज-ओ-ग़मखानेचले
Read Full
Al-Haaj Al-Hafiz
घटाहोबाद-ए-बहारीहोऔरजामनहीं
ग़ज़बहोसाक़ीअगरमयसेकोईकामनहीं
हमारीबातभीज़ाहिदसेजाकेकहदेना
उसेहलालनहींमयहमेंहरामनहीं
किसीकोफ़िक्रहोक्यूँमेरेमरनेजीनेकी
किमेरीज़ातसेबरहमकोईनिज़ामनहीं
हक़ीक़तनयहीदुनियासरा-ए-फ़ानीहै
हैकूचसबबकिकिसीकोयहाँक़ियामनहीं
बहुतसवाबमिलेटूटेदिलकोगरजोड़े
कुछइससेबढ़केज़मानेमेंकोईकामनहीं
चलेथेदीदकोयेकहकेउसकोरोकदिया
येख़ासलोगोंकीबारीहैदीद-ए-आमनहीं
भरोसाकीजिएहरगिज़उसकीबातोंका
जिसेअपनीकिसीबातपरक़ियामनहीं
हमेशाग़ीबतेंकरताबुरा-भलाकहता
इनहासिदोंकोसिवाइसकेऔरकामनहीं
कहींजोहत्थेचढ़ादिल-जलोंकेचर्ख़-ए-कुहन
जलाकेख़ाककरदेंतोमेरानामनहीं
मैंवोग़यूरहूँ'दीवान'आजतकजिसने
किसीअमीरकोझुककरकियासलामनहीं
खुलीहक़ीक़त-ए-'दीवान'अहल-ए-नख़वतपर
रईस-ज़ादाहूँमैंभीकोईग़ुलामनहीं
Read Full
Al-Haaj Al-Hafiz
अपनामेआ'रजुदाअपनाहैकिरदारजुदा
अपनासाक़ीहैजुदासाग़र-ओ-मय-ख़्वारजुदा
बख़्तअपनाहैजुदाअपनाहैदिलदारजुदा
शोख़नज़रेंहैंअलगअबरू-ए-ख़मदारजुदा
मैंज़मानेसेजुदाकूचा-ओ-बाज़ारजुदा
मेराअंदाज़अनोखामिरीरफ़्तारजुदा
बज़्ममेंमैंभीरक़ीबोंकोजगहदेताहूँ
जिसतरहगुलसेकभीहोसकेख़ारजुदा
ऐसीबरसातकीरुतहमनेदेखीथीकभी
मयजुदाअब्रजुदासाक़ी-ओ-मय-ख़्वारजुदा
फ़स्ल-ए-गुलक़ैद-ए-क़फ़सआँखोंकाभरनाउनपर
छाईहैकालीघटाऔरहैगुलज़ारजुदा
कोईबरगश्तारहेबैठरहेअपनेघर
अपनीमहफ़िलहैजुदादोस्त-ओ-ग़म-ख़्वारजुदा
आपकेख़ुल्क़से'दीवान'सभीयकजाहैं
वर्नालंदनमेंतोरहतेरहेफ़नकारजुदा
येग़ज़लवोहैकि'दीवान'हमेंकहनापड़ा
तर्ज़अपनीहैअलगअपनेहैंअशआ'रजुदा
Read Full
Al-Haaj Al-Hafiz
उलझेइश्क़सेकहोदैर-ओ-हरमसेक्याग़रज़
पीर-ए-मुग़ाँसेकामक्यानक़्श-ए-क़दमसेक्याग़रज़
अपनेशरीकभीनहींग़ैरोंकोहमसेक्याग़रज़
सचहैकिसीकोसोज़-ए-दिलदीदा-ए-नमसेक्याग़रज़
सुनलोमरीज़-ए-इश्क़काअबतोइलाजहोचुका
ख़ुदहीमसीहाजबकहेऐसेकोदमसेक्याग़रज़
पेशाहोजिसकाकीना-ओ-जौर-ओ-जफ़ातोहैबजा
जल्वा-फ़गनहोकिसलिएमेहर-ओ-करमसेक्याग़रज़
सदक़ेहज़ारबारहुएकहनेपेजिसकेमर-मिटे
फिरभीवोमिरेहुएकहतेहैंहमसेक्याग़रज़
महफ़िल-ए-दिलरुबामेंक्यूँचर्चामिराकोईकरे
मेरेरक़ीबकोमिरेरंज-ओ-अलमसेक्याग़रज़
जाम-ए-शराबकौनदेरिंदोंकोअपनीहैपड़ी
ख़ुमसेलगेहैंशैख़जीसाक़ीकोहमसेक्याग़रज़
कोईबुलानेआएक्यूँघरसेहमेंलेजाएक्यूँ
पीर-ए-मुग़ाँतोहमनहींरिंदोंकोहमसेक्याग़रज़
ज़ाहिद-ए-सादा-लौहक्यूँतक़वेपेतुझकोनाज़यूँँ
तेरेख़ुदाकोना-समझतौफ़-ए-हरमसेक्याग़रज़
Read Full
Al-Haaj Al-Hafiz
येकैसेलोगहैंजोराहमेंनाचारबैठेहैं
बड़ेनादाँमुसाफ़िरहैंकिहिम्मतहारबैठेहैं
अगरपहलूसेवोउट्ठेतोदिलअपनाक्यूँबैठे
ग़रज़मरनेकोहरसूरतसेहमतय्यारबैठेहैं
ज़मानेनेदीफ़ुर्सतजोहमख़िदमतबजालाते
किसीनेकबहमेंदेखाकिहमबे-कारबैठेहैं
किसेफ़ुर्सतख़बरलेदर्द-मंदोंकीशब-ए-ग़ममें
हज़ारोंबारउट्ठेहैंहज़ारोंबारबैठेहैं
कभीउट्ठेतोगर्म-ए-जुस्तुजू-ए-दोस्तमेंउट्ठे
कभीबैठेतोमहव-ए-आरज़ू-ए-यारबैठेहैं
जुनून-ए-इश्क़मेंसहरा-नवर्दीचाक-दामानी
यहीसबकरकेगोयाथकगएबे-कारबैठेहैं
राहोंसेशनासाईरहबरसेतआ'रुफ़है
हज़ारोंजुस्तुजुएँकरकेहिम्मतहारबैठेहैं
अजबयेरंग-ए-महफ़िलहैकहेंतोक्याकहेंहमदम
बहर-सूरतहमउसकीबज़्ममेंबेज़ारबैठेहैं
कभी'दीवान'सेदेखानहींख़ालीहोमय-ख़ाना
जहाँभीदेखिएजाकरवहींसरकारबैठेहैं
Read Full
Al-Haaj Al-Hafiz
जिसघड़ीअक़्लनेकुछहोशमेंलानाचाहा
दिलनेदीवानामुझेऔरबनानाचाहा
दिलसेमजबूरहुएगरचेभुलानाचाहा
राज़-ए-उल्फ़तछुपालाखछुपानाचाहा
ज़हरसीचीज़भीढूँढेसेनहींहैमिलती
मैंनेघबराकेकभीज़हरजोखनाचाहा
अबतोजीनाहैबहर-हालमुझेहीन-ए-हयात
ज़ालिमइसमौतनेक्याक्याबहानाचाहा
नीचीनज़रोंकेसलामआएमुसलसलउसदम
उठकेमहफ़िलसेकभीमैंनेजोजानाचाहा
बख़्शीफ़ितरतमेंलचककितनीख़ुदानेदेखो
सर-बुलंदऔरहुआजिसनेगिरानाचाहा
दर्दअंदोहअलमऔरजमेंबैठेरहे
शाम-ए-फ़ुर्क़तमेंउन्हेंजितनाभगानाचाहा
उसकीमिट्टीहुईबर्बादगयाजानसेवो
जिसनेकूचेमेंतिरेकेठिकानाचाहा
कौनकहताहैकितदबीरसेतक़दीरबने
बनीहमनेउसेलाखबनानाचाहा
एकहमहीतोनहींअहल-ए-हुनरथेफिरक्यूँ
अहल-ए-महफ़िलनेमुझेसद्रबनानाचाहा
यूँँभीफ़नकारोंमें'दीवान'कीइज़्ज़तहैमगर
शा'इरीनेउसेकुछऔरबढ़ानाचाहा
Read Full
Al-Haaj Al-Hafiz