ghatta ho baad-e-bahaari ho aur jaam nahin | घटा हो बाद-ए-बहारी हो और जाम नहीं

  - Al-Haaj Al-Hafiz
घटाहोबाद-ए-बहारीहोऔरजामनहीं
ग़ज़बहोसाक़ीअगरमयसेकोईकामनहीं
हमारीबातभीज़ाहिदसेजाकेकहदेना
उसेहलालनहींमयहमेंहरामनहीं
किसीकोफ़िक्रहोक्यूँमेरेमरनेजीनेकी
किमेरीज़ातसेबरहमकोईनिज़ामनहीं
हक़ीक़तनयहीदुनियासरा-ए-फ़ानीहै
हैकूचसबबकिकिसीकोयहाँक़ियामनहीं
बहुतसवाबमिलेटूटेदिलकोगरजोड़े
कुछइससेबढ़केज़मानेमेंकोईकामनहीं
चलेथेदीदकोयेकहकेउसकोरोकदिया
येख़ासलोगोंकीबारीहैदीद-ए-आमनहीं
भरोसाकीजिएहरगिज़उसकीबातोंका
जिसेअपनीकिसीबातपरक़ियामनहीं
हमेशाग़ीबतेंकरताबुरा-भलाकहता
इनहासिदोंकोसिवाइसकेऔरकामनहीं
कहींजोहत्थेचढ़ादिल-जलोंकेचर्ख़-ए-कुहन
जलाकेख़ाककरदेंतोमेरानामनहीं
मैंवोग़यूरहूँ'दीवान'आजतकजिसने
किसीअमीरकोझुककरकियासलामनहीं
खुलीहक़ीक़त-ए-'दीवान'अहल-ए-नख़वतपर
रईस-ज़ादाहूँमैंभीकोईग़ुलामनहीं
  - Al-Haaj Al-Hafiz
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