होनेकोयूँँतोशहरमेंअपनामकानथा
नफ़रतकारेगज़ारमगरदरमियानथा
लम्हेकेटूटनेकीसदासुनरहाथामैं
झपकीजोआँखसरपेनयाआसमानथा
कहनेकोहाथबाँधेखड़ेथेनमाज़में
पूछोतोदूसरीहीतरफ़अपनाध्यानथा
अल्लाहजानेकिसपेअकड़ताथारातदिन
कुछभीनहींथाफिरभीबड़ाबद-ज़बानथा
शोलेउगलतेतीरबरसतेथेचर्ख़से
सायाथापासमेंनकोईसाएबानथा
सबसेकियाहैवस्लकावा'दाअलगअलग
कलरातवोसभीपेबहुतमेहरबानथा
मुँह-फटथाबे-लगामथारुस्वाथाढीटथा
जैसाभीथावोदोस्तोमहफ़िलकीजानथा