ye kaise log hain jo raah men naachaar baithe hain | ये कैसे लोग हैं जो राह में नाचार बैठे हैं

  - Al-Haaj Al-Hafiz
येकैसेलोगहैंजोराहमेंनाचारबैठेहैं
बड़ेनादाँमुसाफ़िरहैंकिहिम्मतहारबैठेहैं
अगरपहलूसेवोउट्ठेतोदिलअपनाक्यूँबैठे
ग़रज़मरनेकोहरसूरतसेहमतय्यारबैठेहैं
ज़मानेनेदीफ़ुर्सतजोहमख़िदमतबजालाते
किसीनेकबहमेंदेखाकिहमबे-कारबैठेहैं
किसेफ़ुर्सतख़बरलेदर्द-मंदोंकीशब-ए-ग़ममें
हज़ारोंबारउट्ठेहैंहज़ारोंबारबैठेहैं
कभीउट्ठेतोगर्म-ए-जुस्तुजू-ए-दोस्तमेंउट्ठे
कभीबैठेतोमहव-ए-आरज़ू-ए-यारबैठेहैं
जुनून-ए-इश्क़मेंसहरा-नवर्दीचाक-दामानी
यहीसबकरकेगोयाथकगएबे-कारबैठेहैं
राहोंसेशनासाईरहबरसेतआ'रुफ़है
हज़ारोंजुस्तुजुएँकरकेहिम्मतहारबैठेहैं
अजबयेरंग-ए-महफ़िलहैकहेंतोक्याकहेंहमदम
बहर-सूरतहमउसकीबज़्ममेंबेज़ारबैठेहैं
कभी'दीवान'सेदेखानहींख़ालीहोमय-ख़ाना
जहाँभीदेखिएजाकरवहींसरकारबैठेहैं
  - Al-Haaj Al-Hafiz
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