वोगुनहगारमहशरमेंबख़्शागया
रहमत-ए-हक़पेजिसनेभरोसाकिया
ज़िंदगीनेमुझेमुँहलगायानजब
मुँहचिढ़ानेलगीमेराज़ालिमक़ज़ा
दस्त-ए-क़ुदरतमेंमैंइकखिलौनासाहूँ
किसलिएहैगुनाहोंकीमुझकोसज़ा
नौजवानीमेंतोमहव-ए-इशरतरहे
अबबुढ़ापेमेंआईहैयाद-ए-ख़ुदा
दिलकिसीकेतसव्वुरमेंखोयारहे
दर्द-ए-दिलकीयहीहैफ़क़तइकदवा
वक़्तऐसाभीआताहैइंसानपर
होनापड़ताहैमैदाँमेंतन्हाखड़ा
जानेक्यूँआज'लाग़र'नेचुपसाधली
वर्नावोरोज़देताथाहक़कीसदा