be-asar aarzoo be-asar hai dua | बे-असर आरज़ू बे-असर है दु'आ

  - Om Prakash Laghar
बे-असरआरज़ूबे-असरहैदु'आ
बा-असरहैफ़क़तएकउसकीरज़ा
वोगुनहगारमहशरमेंबख़्शागया
रहमत-ए-हक़पेजिसनेभरोसाकिया
ज़िंदगीनेमुझेमुँहलगायाजब
मुँहचिढ़ानेलगीमेराज़ालिमक़ज़ा
दस्त-ए-क़ुदरतमेंमैंइकखिलौनासाहूँ
किसलिएहैगुनाहोंकीमुझकोसज़ा
नौजवानीमेंतोमहव-ए-इशरतरहे
अबबुढ़ापेमेंआईहैयाद-ए-ख़ुदा
दिलकिसीकेतसव्वुरमेंखोयारहे
दर्द-ए-दिलकीयहीहैफ़क़तइकदवा
वक़्तऐसाभीआताहैइंसानपर
होनापड़ताहैमैदाँमेंतन्हाखड़ा
जानेक्यूँआज'लाग़र'नेचुपसाधली
वर्नावोरोज़देताथाहक़कीसदा
  - Om Prakash Laghar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy