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Shakeel Jamali
main ne haathon se bujhaai hai dahakti hui aag
main ne haathon se bujhaai hai dahakti hui aag | मैं ने हाथों से बुझाई है दहकती हुई आग
- Shakeel Jamali
मैं
ने
हाथों
से
बुझाई
है
दहकती
हुई
आग
अपने
बच्चे
के
खिलौने
को
बचाने
के
लिए
- Shakeel Jamali
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तुमको
हिचकी
लेने
से
भी
दिक़्क़त
थी
मैंने
तुमको
याद
ही
करना
छोड़
दिया
Mehshar Afridi
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नहीं
है
लब
पे
दिखावे
का
भी
तबस्सुम
अब
हमें
किसी
ने
मुक़म्मल
उदास
कर
दिया
है
Amaan Haider
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ज़बाने
दाग़
में
मैंने
उसे
लिखी
चिट्ठी
मिज़ाजे
मीर
में
उसने
मुझे
जवाब
दिया
Shadan Ahsan Marehrvi
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यार
उसके
क़ीमती
तोहफ़े
तो
लाए
थे
बहुत
मैं
बरेली
का
था
मैंने
ला
के
झुमका
दे
दिया
Rudransh Trigunayat
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डाली
है
ख़ुद
पे
ज़ुल्म
की
यूँँ
इक
मिसाल
और
उसके
बग़ैर
काट
दिया
एक
साल
और
Subhan Asad
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कोई
दवा
न
दे
सके
मशवरा-ए-दुआ
दिया
चारागरों
ने
और
भी
दर्द
दिल
का
बढ़ा
दिया
Hafeez Jalandhari
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दिल
की
ख़ातिर
एक
रिश्ते
को
बचाने
के
लिए
आग
मैंने
ही
लगा
ली
ख़ुद
मिरे
घरबार
में
Shashank Shekhar Pathak
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उस
के
फ़रोग़-ए-हुस्न
से
झमके
है
सब
में
नूर
शम-ए-हरम
हो
या
हो
दिया
सोमनात
का
Meer Taqi Meer
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ज़ख़्म
जो
तुम
ने
दिया
वो
इस
लिए
रक्खा
हरा
ज़िंदगी
में
क्या
बचेगा
ज़ख़्म
भर
जाने
के
बाद
Azm Shakri
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आप
कहते
थे
कि
रोने
से
न
बदलेंगे
नसीब
उम्र
भर
आप
की
इस
बात
ने
रोने
न
दिया
Sudarshan Fakir
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सफ़र
से
लौट
जाना
चाहता
है
परिंदा
आशियाना
चाहता
है
Shakeel Jamali
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मौत
को
हम
ने
कभी
कुछ
नहीं
समझा
मगर
आज
अपने
बच्चों
की
तरफ़
देख
के
डर
जाते
हैं
Shakeel Jamali
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वफ़ादारों
पे
आफ़त
आ
रही
है
मियाँ
ले
लो
जो
क़ीमत
आ
रही
है
मैं
उस
से
इतने
वा'दे
कर
चुका
हूँ
मुझे
इस
बार
ग़ैरत
आ
रही
है
न
जाने
मुझ
में
क्या
देखा
है
उस
ने
मुझे
उस
पर
मोहब्बत
आ
रही
है
बदलता
जा
रहा
है
झूट
सच
में
कहानी
में
सदाक़त
आ
रही
है
मिरा
झगड़ा
ज़माने
से
नहीं
है
मिरे
आड़े
मोहब्बत
आ
रही
है
अभी
रौशन
हुआ
जाता
है
रस्ता
वो
देखो
एक
औरत
आ
रही
है
मुझे
उस
की
उदासी
ने
बताया
बिछड़
जाने
की
साअ'त
आ
रही
है
बड़ों
के
दरमियाँ
बैठा
हुआ
हूँ
नसीहत
पर
नसीहत
आ
रही
है
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Shakeel Jamali
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अभी
रौशन
हुआ
जाता
है
रस्ता
वो
देखो
एक
औरत
आ
रही
है
Shakeel Jamali
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कुछ
लोग
हैं
जो
झेल
रहे
हैं
मुसीबतें
कुछ
लोग
हैं
जो
वक़्त
से
पहले
बदल
गए
Shakeel Jamali
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