wafaadaaro'n pe aafat aa rahi hai | वफ़ादारों पे आफ़त आ रही है

  - Shakeel Jamali
वफ़ादारोंपेआफ़तरहीहै
मियाँलेलोजोक़ीमतरहीहै
मैंउससेइतनेवा'देकरचुकाहूँ
मुझेइसबारग़ैरतरहीहै
जानेमुझमेंक्यादेखाहैउसने
मुझेउसपरमोहब्बतरहीहै
बदलताजारहाहैझूटसचमें
कहानीमेंसदाक़तरहीहै
मिराझगड़ाज़मानेसेनहींहै
मिरेआड़ेमोहब्बतरहीहै
अभीरौशनहुआजाताहैरस्ता
वोदेखोएकऔरतरहीहै
मुझेउसकीउदासीनेबताया
बिछड़जानेकीसाअ'तरहीहै
बड़ोंकेदरमियाँबैठाहुआहूँ
नसीहतपरनसीहतरहीहै
  - Shakeel Jamali
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