हरइकशख़्सकेअपनेतसव्वुरऔरगुमाँतकहै
किसेमालूमहैवर्नाहद-ए-इरफ़ाँकहाँतकहै
हमेंतोदेखनाहैहिम्मत-ओ-जुरअतकहाँतकहै
हमारीज़िंदगीवर्नाफ़क़तज़ब्त-ए-फ़ुग़ाँतकहै
जुनून-ए-इश्क़मेंआह-ओ-फ़ुग़ाँशिकवागिलाकैसा
अगरहैभीतोवोआख़िरहमारेमेहरबाँतकहै
जुनूँकीवुसअ'तोंकाकोईअंदाज़ानकरपाया
रसाईअक़्ल-ए-इंसाँकीफ़क़तसूद-ओ-ज़ियाँतकहै
क़दमचलनेसेक़ासिरहैंअँधेरीरातहैसरपर
बतादेकाशयेकोईमुझेचलनाकहाँतकहै
किसीभीआस्ताँपरअबख़ुदीजानेनहींदेती
हमारीइल्तिजातोमालिक-ए-कौन-ओ-मकाँतकहै
हमेशाअहल-ए-दिलहीवक़्तकेधारेबदलतेहैं
जोबुज़दिलहैंरसाईउनकीबसआह-ओ-फ़ुग़ाँतकहै
पस-ए-मुर्दनकोईभीनामतकउनकानहींलेता
जोसमझेथेहमारातज़्किरारहतेजहाँतकहै
बहार-ए-गुल्सिताँतोहैख़ुदाकेहाथऐ'लाग़र'
बसइकफ़र्ज़-ए-निगहबानीनिगाह-ए-बाग़बाँतकहै