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Jaun Elia
zindagi kis tarah basar hogii
zindagi kis tarah basar hogii | ज़िंदगी किस तरह बसर होगी
- Jaun Elia
ज़िंदगी
किस
तरह
बसर
होगी
दिल
नहीं
लग
रहा
मोहब्बत
में
- Jaun Elia
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मैं
उस
से
भीख
माँगूं
तो
मोहब्बत
मिल
भी
सकती
है
मगर
कहती
है
ख़ुद्दारी
मोहब्बत
भीख
की
और
तू
Shadab Asghar
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तुम्हारा
नाम
लिया
था
कभी
मोहब्बत
से
मिठास
उस
की
अभी
तक
मेरी
ज़बान
में
है
Abbas Dana
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दिल
में
जो
मोहब्बत
की
रौशनी
नहीं
होती
इतनी
ख़ूब-सूरत
ये
ज़िंदगी
नहीं
होती
Hastimal Hasti
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मुहब्बत
रास
आ
जाए
हमें
ये
सोचकर
हम
ने
जिसे
भी
चाहा
है
पहली
मुहब्बत
की
तरह
चाहा
Prashant Rao chourase
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तुम
मेरी
पहली
मोहब्बत
तो
नहीं
हो
लेकिन
मैंने
चाहा
है
तुम्हें
पहली
मोहब्बत
की
तरह
Wasi Shah
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मुहब्बत
के
समुंदर
की
कलाकारी
ग़ज़ब
की
है
कि
सब
कुछ
डूब
जाता
है
मगर
तर
कुछ
नहीं
होता
Muntazir Firozabadi
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कितने
हसीं
हो
माशा-अल्लाह
तुम
पे
मोहब्बत
ख़ूब
जचेगी
Zubair Ali Tabish
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वो
नहीं
मेरा
मगर
उस
से
मोहब्बत
है
तो
है
ये
अगर
रस्मों
रिवाजों
से
बग़ावत
है
तो
है
Deepti Mishra
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मेरी
तन्हाई
देखेंगे
तो
हैरत
ही
करेंगे
लोग
मोहब्बत
छोड़
देंगे
या
मोहब्बत
ही
करेंगे
लोग
Ismail Raaz
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ये
मोहब्बत
भी
किन
दिनों
में
हुई
दिल
मिलाने
थे
हाथ
से
भी
गए
Kafeel Rana
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हम
को
यारों
ने
याद
भी
न
रखा
'जौन'
यारों
के
यार
थे
हम
तो
Jaun Elia
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इक
हुनर
है
जो
कर
गया
हूँ
मैं
सब
के
दिल
से
उतर
गया
हूँ
मैं
Jaun Elia
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ज़ुलेख़ा-ए-अज़ीज़ाँ
बात
ये
है
भला
घाटे
का
सौदा
क्यूँ
करें
हम
Jaun Elia
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कोई
हालत
नहीं
ये
हालत
है
ये
तो
आशोब-नाक
सूरत
है
अंजुमन
में
ये
मेरी
ख़ामोशी
बुर्दबारी
नहीं
है
वहशत
है
तुझ
से
ये
गाह-गाह
का
शिकवा
जब
तलक
है
बसा
ग़नीमत
है
ख़्वाहिशें
दिल
का
साथ
छोड़
गईं
ये
अज़िय्यत
बड़ी
अज़िय्यत
है
लोग
मसरूफ़
जानते
हैं
मुझे
याँ
मिरा
ग़म
ही
मेरी
फ़ुर्सत
है
तंज़
पैराया-ए-तबस्सुम
में
इस
तकल्लुफ़
की
क्या
ज़रूरत
है
हम
ने
देखा
तो
हम
ने
ये
देखा
जो
नहीं
है
वो
ख़ूब-सूरत
है
वार
करने
को
जाँ-निसार
आएँ
ये
तो
ईसार
है
'इनायत
है
गर्म-जोशी
और
इस
क़दर
क्या
बात
क्या
तुम्हें
मुझ
से
कुछ
शिकायत
है
अब
निकल
आओ
अपने
अंदर
से
घर
में
सामान
की
ज़रूरत
है
आज
का
दिन
भी
'ऐश
से
गुज़रा
सर
से
पा
तक
बदन
सलामत
है
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Jaun Elia
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मैं
तुम्हें
भूल
भी
तो
सकता
था
हाँ
मगर
ये
नहीं
हुआ
मुझ
सेे
Jaun Elia
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