hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Ismail Raaz
meri tanhaaii dekhenge to hairat hi karenge log
meri tanhaaii dekhenge to hairat hi karenge log | मेरी तन्हाई देखेंगे तो हैरत ही करेंगे लोग
- Ismail Raaz
मेरी
तन्हाई
देखेंगे
तो
हैरत
ही
करेंगे
लोग
मोहब्बत
छोड़
देंगे
या
मोहब्बत
ही
करेंगे
लोग
- Ismail Raaz
Download Sher Image
बड़ी
मुश्किल
से
नीचे
बैठते
हैं
जो
तेरे
साथ
उठते-बैठते
हैं
अकेले
बैठना
होगा
किसी
को
अगर
हम
तुम
इकट्ठे
बैठते
हैं
Read Full
Khurram Afaq
Send
Download Image
28 Likes
चाँद
सा
मिस्रा
अकेला
है
मिरे
काग़ज़
पर
छत
पे
आ
जाओ
मिरा
शे'र
मुकम्मल
कर
दो
Bashir Badr
Send
Download Image
75 Likes
नाप
रहा
था
एक
उदासी
की
गहराई
हाथ
पकड़कर
वापस
लायी
है
तन्हाई
वस्ल
दिनों
को
काफ़ी
छोटा
कर
देता
है
हिज्र
बढ़ा
देता
है
रातों
की
लम्बाई
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
58 Likes
चालीस
साल
इस
को
अकेले
निभाएँगे
ये
चार
साल
का
जो
तअल्लुक़
था
दरमियाँ
Afzal Ali Afzal
Send
Download Image
6 Likes
अधूरे
शे'र
के
मिसरों
को
देखा
तो
किसे
कहते
हैं
तन्हाई
समझ
आई
Sunny Seher
Send
Download Image
5 Likes
दबी
कुचली
हुई
सब
ख़्वाहिशों
के
सर
निकल
आए
ज़रा
पैसा
हुआ
तो
च्यूँँटियों
के
पर
निकल
आए
अभी
उड़ते
नहीं
तो
फ़ाख़्ता
के
साथ
हैं
बच्चे
अकेला
छोड़
देंगे
माँ
को
जिस
दिन
पर
निकल
आए
Read Full
Mehshar Afridi
Send
Download Image
62 Likes
एक
महफ़िल
में
कई
महफ़िलें
होती
हैं
शरीक
जिस
को
भी
पास
से
देखोगे
अकेला
होगा
Nida Fazli
Send
Download Image
31 Likes
ख़ुद
चले
आओ
या
बुला
भेजो
रात
अकेले
बसर
नहीं
होती
Aziz Lakhnavi
Send
Download Image
25 Likes
ज़रा
देर
बैठे
थे
तन्हाई
में
तिरी
याद
आँखें
दुखाने
लगी
Adil Mansuri
Send
Download Image
32 Likes
देखो
ऐसे
क़रीब
आने
की
आस
मत
लगाओ
तुम
तन्हाई
से
रब्त
बढ़ाओ
फिर
मेरे
पास
आओ
तुम
Rohit tewatia 'Ishq'
Send
Download Image
5 Likes
Read More
ठोकरों
में
असर
नहीं
आया
दिल
अभी
राह
पर
नहीं
आया
ख़ुद
में
देखा
जो
झाँक
कर
तिरे
बाद
मुझ
को
मैं
भी
नज़र
नहीं
आया
मुद्दतों
से
सुकूत
चीख़ता
है
लेकिन
अब
तक
असर
नहीं
आया
चाँद
किस
तमकनत
से
निकलेगा
तू
अगर
बाम
पर
नहीं
आया
कब
से
घर
छोड़
कर
गया
हुआ
हूँ
कब
से
मैं
लौट
कर
नहीं
आया
Read Full
Ismail Raaz
Download Image
9 Likes
तेरी
गली
को
छोड़
के
पागल
नहीं
गया
रस्सी
तो
जल
गई
है
मगर
बल
नहीं
गया
मजनूँ
की
तरह
छोड़ा
नहीं
मैं
ने
शहर
को
या'नी
मैं
हिज्र
काटने
जंगल
नहीं
गया
Read Full
Ismail Raaz
Send
Download Image
71 Likes
दरअस्ल
मैंने
मशक़्क़त
नहीं
मोहब्बत
की
हथेलियों
पे
नहीं
मेरे
दिल
पे
छाले
है
Ismail Raaz
Send
Download Image
48 Likes
बात
ऐसी
भी
भला
आप
में
क्या
रक्खी
है
इक
दिवाने
ने
ज़मीं
सर
पे
उठा
रक्खी
है
इत्तिफ़ाक़न
कहीं
मिल
जाए
तो
कहना
उस
सेे
तेरे
शाइर
ने
बड़ी
धूम
मचा
रक्खी
है
Read Full
Ismail Raaz
Send
Download Image
63 Likes
अब
इस
भ्रम
में
हर
एक
रात
काटनी
है
मुझे
के
आने
वाली
तेरे
साथ
काटनी
हैं
मुझे
तुझे
दिलाना
है
एहसास
अपने
इस
दुख
का
तू
कुछ
तो
बोल
तेरी
बात
काटनी
है
मुझे
मुझे
तुलू-ए-सहर
की
तसल्लीया
मत
दे
अभी
तो
ये
शब-ए-जुलमात
काटनी
हैं
मुझे
Read Full
Ismail Raaz
Download Image
23 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Nafrat Shayari
Wedding Shayari
Sukoon Shayari
Breakup Shayari
Jafa Shayari