jin ankhadiyon men na tha kuchh sharaaraton ke siva | जिन अँखड़ियों में न था कुछ शरारतों के सिवा

  - Kamal Ahmad Siddiqi
जिनअँखड़ियोंमेंथाकुछशरारतोंकेसिवा
उनअँखड़ियोंमेंनहींकुछभीहसरतोंकेसिवा
लबोंपेमौज-ए-तबस्सुमकाअहदबीतगया
लबोंपेआजनहींकुछशिकायतोंकेसिवा
वोअंजुमनकातसव्वुरकरेतोकैसेकरे
जिसेनसीबहोकुछभीख़ल्वतोंकेसिवा
इकआइनाहूँजुनून-ओ-ख़िरदकाआईना
मिरीनज़रमेंनहींकुछभीहैरतोंकेसिवा
उसीसेपूछमिरेइंतिज़ारकाआलम
जिसेकुछभीमुयस्सरहोफ़ुर्सतोंकेसिवा
गुदाज़-ए-साग़र-ओ-पैमानाकौनसमझाहै
मिरेसिवामिरेदिलकीनज़ाकतोंकेसिवा
कमीउसीमेंतमन्नाएँजल्वा-गरथीं'कमाल'
कुछआजदिलमेंनहींहैजराहतोंकेसिवा
  - Kamal Ahmad Siddiqi
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