baatein jo theen durust purane nisaab men | बातें जो थीं दुरुस्त पुराने निसाब में

  - Kamal Ahmad Siddiqi
बातेंजोथींदुरुस्तपुरानेनिसाबमें
उनमेंसेएकभीतोनहींहैकिताबमें
महरूमियोंनेबज़्मसजाईहैख़्वाबमें
सबकेअलगअलगहैंमनाज़िरसराबमें
पानीकीतरहअहल-ए-हवसनेशराबपी
लिक्खीगईहैतिश्ना-लबोंकेहिसाबमें
सबनामहैंदुरुस्तमगरवाक़िआग़लत
हरबातसचनहींजोलिखीहैकिताबमें
सद-आतिशाअगरहोतिरारंग-रूपहै
जोरंगफूलमेंहैनशाहैशराबमें
उसकातोएकलफ़्ज़भीहमकोनहींहैयाद
कलरातएकशे'रकहाथाजोख़्वाबमें
कुछशे'रशायदउसकोपसंदगए'कमाल'
होंटोंकेकुछनिशाँहैंतुम्हारीकिताबमें
  - Kamal Ahmad Siddiqi
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