sharaab-khaana tira aisa intikhaab nahin hai | शराब-ख़ाना तिरा ऐसा इंतिख़ाब नहीं है

  - Kamal Ahmad Siddiqi
शराब-ख़ानातिराऐसाइंतिख़ाबनहींहै
ख़वासपीतेहैंसबकेलिएशराबनहींहै
शिकारज़ुल्मकाजोहैंउन्हींपेहैहरशिद्दत
वोजोहैंज़ालिमउनपरकोईइ'ताबनहींहै
येतेराफ़र्ज़हैसाक़ीमिलेसभीकोबराबर
हैतेरामंसबसाक़ीकोईख़िताबनहींहै
यहाँतोकोईनहींआदमीसभीहैंफ़रिश्ते
मिरेअलावायहाँपरकोईभीख़राबनहींहै
फ़रोग़-ए-कैफ़ियत-ए-बादासहुआहैयेशादाब
पढ़येचेहरामिरायेकोईकिताबनहींहै
सराबवाहिमानज़रोंकेसामनेमौजूद
धड़करहाहैजोइदराकमेंसराबनहींहै
  - Kamal Ahmad Siddiqi
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