dilon ki baatein dilon ke andar zaraa si zid se dabii hui hain | दिलों की बातें दिलों के अंदर ज़रा सी ज़िद से दबी हुई हैं

  - Aalok Shrivastav
दिलोंकीबातेंदिलोंकेअंदरज़रासीज़िदसेदबीहुईहैं
वोसुननाचाहें,ज़ुबांसेसबकुछमैंकरनाचाहूँनज़रसेबतियां
येइश्क़क्याहै,येइश्क़क्याहै,येइश्क़क्याहै,येइश्क़क्याहै
सुलगतीसांसें,तरसतीआँखें,मचलतीरूहें,धड़कतीछतियां
  - Aalok Shrivastav
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