deeda-e-kam-sifaat andar se | दीदा-ए-कम-सिफ़ात अंदर से

  - Hadis Salsal
दीदा-ए-कम-सिफ़ातअंदरसे
तूनेदेखीहैरातअंदरसे
ख़्वाहिश-ए-नारा-ए-ज़फ़र-याबी
मुझकोहोनीहैमातअंदरसे
ख़ैर-मक़्दमकरउरूस-ए-चश्म
लुटचुकीहैबरातअंदरसे
फ़रेब-ए-बरून-ए-मौसम-ए-ज़र्द
सब्ज़थेसारेपातअंदरसे
अपनेठंडेबदनकोछूताहूँ
जूँहीजलतेहैंहातअंदरसे
हसरत-ए-दाद-ए-जुस्तुजूरही
ऐसीबिगड़ीहैबातअंदरसे
हाएवोघरकिजिसमेंपेशआए
दसतकीहादसातअंदरसे
शरर-इफ़शानी-ए-बयाज़-ए-ग़ज़ल
क्याहुएकाग़ज़ातअंदरसे
सुरमईख़ुशबुओंकेनश्शाहै
रक़्स-फ़रमाहैरातअंदरसे
कोईलुत्फ़-ए-अजबकिहैमसदूद
जिहत-ए-सद-जिहातअंदरसे
  - Hadis Salsal
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