sar-e-nigaah bisaat-e-jahaan to kuchh bhi nahin | सर-ए-निगाह बिसात-ए-जहाँ तो कुछ भी नहीं

  - Hadis Salsal
सर-ए-निगाहबिसात-ए-जहाँतोकुछभीनहीं
जहान-ए-ख़ुद-निगर-ओ-कज-गुमाँतोकुछभीनहीं
दरूदबर-सर-ए-कर्ब-ए-तग़य्युर-ए-मौसम
ग़म-ए-सियासत-ए-अहल-ए-जहाँतोकुछभीनहीं
तमामअस्ल-ए-सुख़नदाद-ए-ख़ालिक़-ए-ख़ामा
कमाल-ए-मुबतदी-ए-नीम-जाँतोकुछभीनहीं
तमामहुस्न-ए-सुख़नख़ूबी-हा-ए-नुक्ता-वराँ
जमाल-ए-दीदा-ए-गिर्या-कुनाँतोकुछभीनहीं
ब-पेश-ए-जुरअत-ए-तर्क-ए-उमीद-ए-यासफ़ज़ा
बिसात-ए-आलम-ए-उम्मीद-ए-आँतोकुछभीनहीं
उम्मीद-वाररुख़-ए-दीदा-बख़्श-ए-आईना-हा
क़रीब-ओ-दूरनिगहजुज़गुमाँतोकुछभीनहीं
सुकूत-ए-अर्ज़-ओ-समापर्दा-हा-ए-शोरिश-ए-दिल
खुलाकिग़लग़ला-ए-अल-अमाँतोकुछभीनहीं
सर-ए-बसीत-ए-जमाल-ए-मुजस्सम-ए-इज्माल
तहय्युर-ए-निगह-ए-आशिक़ाँतोकुछभीनहीं
सुकून-ए-ख़्वाब-ए-फ़िज़ा,रंज-ए-राएगान-ए-उम्र
ज़यान-ए-बाइस-ए-सदहाज़ियाँतोकुछभीनहीं
शुऊर-ए-चश्म-ओ-दिल-ओ-जाँनिसारी-ए-आशिक़
अगरहैख़ालिक़-ए-नाम-ओ-निशाँतोकुछभीनहीं
सफ़ीर-ए-ख़ुश-ख़बर-ए-कू-ए-यार-ए-ना-मौजूद
नहींवजूद-ए-फ़रेब-ए-गुमाँतोकुछभीनहीं
ख़मोशी-ए-रह-ए-पुर-सम्त-ए-यकमुसाफ़िर-ए-जू
नहींहैनाला-ए-पा-बस्तगाँतोकुछभीनहीं
सलाह-ए-ख़ुश-गुज़राँक़ातिल-ए-तमन्नाहै
मगरवक़ार-ए-तमन्नायहाँतोकुछभीनहीं
  - Hadis Salsal
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