sawaal-e-tajruba-e-kaar-e-sakht uthne laga | सवाल-ए-तजरुबा-ए-कार-ए-सख़्त उठने लगा

  - Hadis Salsal
सवाल-ए-तजरुबा-ए-कार-ए-सख़्तउठनेलगा
सोफिरतमव्वुज-ए-अंदोह-बख़्तउठनेलगा
ब-कज-अदाइ-ए-ख़ूबान-ए-नाज़-ए-आलमसे
तयक़्क़ुन-ए-दिल-बरगशता-ए-बख़्तउठनेलगा
दुकान-ओ-मजलिस-ए-ना-आश्ना-ए-जौहरस
येअर्जुमंदब-अस्बाब-ओ-रख़्तउठनेलगा
बक़दर-ए-रम्ज़जहाँफहमा-ए-निगाह-ए-दिल
नशीन-ए-कूचा-ओ-सहरा-ओ-तख़्तउठनेलगा
ब-इल्तिहाब-ए-तमन्ना-ए-दीद-ए-हासिल-ए-इश्क़
धुआँसाअज़-जिगर-ए-लख़्त-लख़्तउठनेलगा
ख़बरतोथीमिरेदैर-आश्नाकोदुनियासे
कि'हादिस'-ए-ग़म-ए-अग़माज़-ए-बख़्तउठनेलगा
  - Hadis Salsal
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