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Divy Kamaldhwaj
duniya ne bola ke tumse nahin hogaa
duniya ne bola ke tumse nahin hogaa | दुनिया ने बोला के तुम सेे नहीं होगा
- Divy Kamaldhwaj
दुनिया
ने
बोला
के
तुम
सेे
नहीं
होगा
अच्छा
है
मैं
थोड़ा
ऊँचा
सुनता
हूँ
- Divy Kamaldhwaj
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मैं
सुख़न
में
हूँ
उस
जगह
कि
जहाँ
साँस
लेना
भी
शा'इरी
है
मुझे
Tehzeeb Hafi
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परतव
से
जिस
के
आलम-ए-इम्काँ
बहार
है
वो
नौ-बहार-ए-नाज़
अभी
रहगुज़र
में
है
Ali Sardar Jafri
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रात
की
भीगी-भीगी
मिट्टी
से
कुछ
उजाले
उगा
रही
होगी
मेरी
दुनिया
में
करके
अँधियारा
वो
दिवाली
मना
रही
होगी
Tanveer Ghazi
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सगी
बहनों
का
जो
रिश्ता
रिश्ता
है
उर्दू
और
हिन्दी
में
कहीं
दुनिया
की
दो
ज़िंदा
ज़बानों
में
नहीं
मिलता
Munawwar Rana
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ये
कब
कहती
हूँ
तुम
मेरे
गले
का
हार
हो
जाओ
वहीं
से
लौट
जाना
तुम
जहाँ
बेज़ार
हो
जाओ
Parveen Shakir
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जहाँ
तक
आके
तुम
वापस
गए
हो
वहाँ
अब
तक
कोई
पहुँचा
नहीं
है
Zubair Ali Tabish
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तुम्हारे
साथ
था
तो
मैं
गम-ए-उल्फ़त
में
उलझा
था
तुम्हें
छोड़ा
तो
ये
जाना
कि
दुनिया
ख़ूब-सूरत
है
Nirbhay Nishchhal
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इसी
होनी
को
तो
क़िस्मत
का
लिखा
कहते
हैं
जीतने
का
जहाँ
मौक़ा
था
वहीं
मात
हुई
Manzar Bhopali
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जहाँ
से
जी
न
लगे
तुम
वहीं
बिछड़
जाना
मगर
ख़ुदा
के
लिए
बे-वफ़ाई
न
करना
Munawwar Rana
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हम
मेहनतकश
इस
दुनिया
से
जब
अपना
हिस्सा
माँगेंगे
इक
बाग़
नहीं,
इक
खेत
नहीं,
हम
सारी
दुनिया
माँगेंगे
Faiz Ahmad Faiz
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रंग
को
मलने
से
ही
रौनक़
नइँ
आती
हर
इक
नुस्ख़ा
यार
किताबी
होता
है
देखो
शर्माना
भी
बहुत
ज़रूरी
है
शर्माने
से
रंग
गुलाबी
होता
है
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Divy Kamaldhwaj
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वो
गुलाबी
पंखुरी
थी
बाग
की
और
मैं
मकरन्द
लेने
आ
गया
Divy Kamaldhwaj
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कहते
भी
हैं
कि
हम
सेे
मुहब्बत
नहीं
उन्हें
और
अब
तलक
रखी
है
निशानी
सँभाल
कर
Divy Kamaldhwaj
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मुझको
बुला
रहे
हैं
कईं
राजमहल
भी
मैं
आ
गया
हूँ
तो
मुझे
कमतर
न
आंकिए
Divy Kamaldhwaj
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मोहब्बत
का
ज़माना
चल
रहा
है
वफ़ा
लेकिन
अभी
तक
ग़ुमशुदा
है
सुना
है
दोस्त
मेरा
ख़ुश
बहुत
है
सुना
है
इश्क़
में
बिल्कुल
नया
है
किसी
से
दिल
लगाए
नइ
लगाए
मोहब्बत
एक
ज़ाती
मसअला
है
कहाँ
मानेंगे
दीवाने
किसी
की
कहाँ
इनपर
किसी
का
बस
चला
है
नई
पीढ़ी
का
फ़ैशन
है
सो
हमको
सभी
को
'ब्रो'
बुलाना
पड़
रहा
है
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Divy Kamaldhwaj
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