shikan-aalood hai peshaani-e-dosheeza-e-khuld | शिकन-आलूद है पेशानी-ए-दोशीज़ा-ए-ख़ुल्द

  - Hadis Salsal
शिकन-आलूदहैपेशानी-ए-दोशीज़ा-ए-ख़ुल्द
निगह-ए-रिज़वाँब-दामानी-ए-दोशीज़ा-ए-ख़ुलद
बस्त-ए-नुक्तापिएकम-बीनी-ए-चश्म-ए-आशिक़
वुसअत-ए-आलम-ए-हैरानी-ए-दोशीज़-ए-ख़ुल्द
हुआहासिल-ए-दुशवारी-ए-कार-ए-फ़र्हाद
ग़ुल्ग़ुला-हा-ए-पशेमानी-ए-दोशीज़ा-ए-ख़ुल्द
जादा-ए-राह-ए-मुज़ाफ़ात-ए-सुख़न-हा-ए-दरूँ
हैंमुज़य्यनब-गुल-अफ़्शानी-ए-दोशीज़-ए-ख़ुल्द
वोसर-ए-बज़्मब-आहंग-ए-सितार-ओ-बरबत
हाएअंदाज़-ए-ग़ज़ल-ख़्वानी-ए-दोशीज़ा-ए-ख़ुल्द
हमहैंज़िंदानी-ए-ज़िंदान-ए-तख़य्युल'हादिस'
किमुश्ताक़-ए-तनसानी-ए-दोशीज़ा-ए-ख़ुल्द
  - Hadis Salsal
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