bala se barq ne phoonka jo aashiyaane ko | बला से बर्क़ ने फूँका जो आशियाने को

  - Faizi Nizam Puri
बलासेबर्क़नेफूँकाजोआशियानेको
चमनमेंक्याहैपताचलगयाज़मानेको
किसीकादरजोमिलातोकिसीकेहोकेरहे
किसीकेवास्तेठुकरादियाज़मानेको
उरूस-ए-ज़ीस्तउन्हींकोगलेलगातीहै
जोदारपरभीसुनातेहैंहक़ज़मानेको
ख़ुलूस-ए-दिलहोशामिलतोबंदगीक्याहै
ज़मानाखेलसमझताहैसरझुकानेको
उभररहीथीजहाँसेहयात-ए-नौकीकिरन
बुलारहाथाउसीसम्तमैंज़मानेको
बदलसकोतोबदलदोहयातकेतेवर
लब-ए-हयाततरसतेहैंमुस्कुरानेको
उठाऊँबर्क़केएहसानकिसलिए'फ़ैज़ी'
मैंख़ुदहीआगलगादूँआशियानेको
  - Faizi Nizam Puri
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy