aasmaañ khol diya pairo'n men raahen rakh deen | आसमाँ खोल दिया पैरों में राहें रख दीं

  - Dheerendra Singh Faiyaz
आसमाँखोलदियापैरोंमेंराहेंरखदीं
फिरनशेमनपेउसीशख़्सनेशाख़ेंरखदीं
जबकोईफ़िक्रजबींपरहुईरक़्साँमैंने
ख़्वाबआँखोंमेंरखेआँखोंपेपलकेंरखदीं
दरमियाँख़ामुशीपहलेतोआईथीमगर
बातोंबातोंमेंहीउसनेकईबातेंरखदीं
उसनेजबतोड़दिएसारेतअ'ल्लुक़मुझसे
खींचकरसीनेसेफिरमैंनेभीसाँसेंरखदीं
मेरीतन्हाईसेतंगकेमिरेहीघरने
आजथक-हारकेदहलीज़पेआँखेंरखदीं
  - Dheerendra Singh Faiyaz
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