ham ne nazdeek bhulaane ka bhi fan rakha tha | हम ने नज़दीक भुलाने का भी फ़न रक्खा था

  - Dheerendra Singh Faiyaz
हमनेनज़दीकभुलानेकाभीफ़नरक्खाथा
हिज्रमेंदिलकोभीकुछमस्त-मगनरक्खाथा
येभीसचहैकितुझेदिलसेग़रज़थीहीनहीं
वर्नातोजिस्ममेंपैवस्तहीमनरक्खाथा
कबबग़ावतपेउतरआएयहाँकौनसाफूल
बसयहीसोचकेक़ाबूमेंचमनरक्खाथा
जानताकैसेतुझेझाँकताअंदरकैसे
तुझकोता'वीज़केजैसेतोपहनरक्खाथा
जबनकीरैननेचाहाकिमुझेलेजाएँ
रूहग़ाएबथीकहींऔरबदनरक्खाथा
जिसकोअबप्यारसेजीनेकासबबकहतेहैं
हमनेउसयादकाइकनामघुटनरक्खाथा
हमकईक़िस्मकेलहजोंकेबहुतक़ाइलहैं
हाँमगरअपनाजोअंदाज़-ए-सुख़नरक्खाहै
  - Dheerendra Singh Faiyaz
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