सितममेंताबकमहोतोपशेमानीमेंरहतीहैं
मिरेग़मसेमिरीख़ुशियाँपरेशानीमेंरहतीहैं
जोदर्द-ए-ज़ख़्मबढ़ताहैतोलुत्फ़-अंदोज़होताहूँ
मिरीसबराहतेंउसकीनमक-दानीमेंरहतीहैं
तुम्हारीशक्लइनआँखोंमेंआजातीहैदिनढलते
येदोनोंसीपियाँफिररातभरपानीमेंरहतीहैं
मिरेअंदरकेग़मबाहरभीज़ाहिरहोतेरहतेहैं
येदिलकीसिलवटेंहैंजोकिपेशानीमेंरहतीहैं
अज़लसेहैहमारीआँखोंमेंपैवस्तआईना
सोइनमेंझाँकनेवालीभीहैरानीमेंरहतीहैं
तुम्हेंमैंचूमलूँछूलूँज़राइकशर्महैवर्ना
येसारीजुस्तुजुएँहद्द-ए-इम्कानीमेंरहतीहैं