डरतानहींहूँमैंकिसीभीइम्तिहानसे
दूँगासभीजवाबमगरइत्मीनानसे
लौटआतीहैसदायूँँमेरेजिस्मसेमेरी
जैसेकिलौटआईहोख़ालीमकानसे
उसनेलियागुलाबमगरकुछनहींकहा
निकलानहींहैतीरअभीभीकमानसे
लंकेशकोहरायाथासीताबचाईथी
बनताथाघरकोलौटनापुष्पकविमानसे
ख़ुदकाहीआसमानहैकाफ़ी'तनोज'को
जलतानहींवोऔरकिसीकीउड़ानसे