samundar ka tamasha kar raha hooñ | समुंदर का तमाशा कर रहा हूँ

  - Bakhsh Layalpuri
समुंदरकातमाशाकररहाहूँ
मैंसाहिलबनकेप्यासामररहाहूँ
अगरचेदिलमेंसहरा-ए-तपिशहै
मगरमैंडूबनेसेडररहाहूँ
मैंअपनेघरकीहरशयकोजलाकर
शबिस्तानोंकोरौशनकररहाहूँ
वहीलाएमुझेदार-ओ-रसनपर
मैंजिनलोगोंकापैग़म्बररहाहूँ
वहीपत्थरलगाहैमेरेसरपर
अज़लसेजिसकोसज्देकररहाहूँ
तराशेशहरमैंने'बख़्श'क्याक्या
मगरख़ुदता-अबदबे-घररहाहूँ
  - Bakhsh Layalpuri
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