koi shay dil ko bahlaati nahin hai | कोई शय दिल को बहलाती नहीं है

  - Bakhsh Layalpuri
कोईशयदिलकोबहलातीनहींहै
परेशानीकीरुतजातीनहींहै
हमारेख़्वाबचोरीहोगएहैं
हमेंरातोंकोनींदआतीनहींहै
कोईतितलीकमाँ-दारोंकेडरसे
फ़ज़ामेंपँखफैलातीनहींहै
हरइकसूरतहमेंभातीनहींहै
कोईसूरतहमेंभातीनहींहै
जिसआज़ादीकेनग़्मेंहैंज़बाँपर
वोआज़ादीनज़रआतीनहींहै
बदनबे-हरकत-ओ-बे-हिसपड़ेहैं
लहूकीबूँदगरमातीनहींहै
मुसलसलपोशकीचाबुक-ज़नीसे
मिरीआशुफ़्तगीजातीनहींहै
ज़वाल-ए-फ़िक्र-ओ-फ़नकी'बख़्श'तोहमत
जलाल-ए-हर्फ़परआतीनहींहै
  - Bakhsh Layalpuri
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