Jagan Nath Azad

Jagan Nath Azad

@jagan-nath-azad

Jagan Nath Azad shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Jagan Nath Azad's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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तेराख़यालहैदिल-ए-हैराँलिएहुए
याज़र्राआफ़्ताबकासामाँलिएहुए
देखाउन्हेंजोदीदा-ए-हैराँलिएहुए
दिलरहगयाजराहत-ए-पिन्हाँलिएहुए
मैंफिरहूँइल्तिफ़ात-ए-गुरेज़ाँकामुंतज़िर
इकयाद-ए-इल्तिफ़ात-ए-गुरेज़ाँलिएहुए
मैंछेड़नेलगाहूँफिरअपनीनईग़ज़ल
जाओफिरतबस्सुम-ए-पिन्हाँलिएहुए
क्याबेबसीहैयेकितिरेग़मकेसाथसाथ
मैंअपनेदिलमेंहूँग़म-ए-दौराँलिएहुए
फ़ुर्क़ततिरीतोएकबहानाथीवर्नादोस्त
दिलयूँँभीहैमिराग़म-ए-पिन्हाँलिएहुए
अबक़ल्ब-ए-मुज़्तरिबमेंनहींताब-ए-र्द-ए-हिज्र
अबभीजाओदर्दकादरमाँलिएहुए
सिर्फ़एकशर्त-ए-दीदा-ए-बीनाहैकलीम
ज़र्रेभीहैंतजल्ली-ए-पिन्हाँलिएहुए
मैंनेग़ज़लकहीहैजिगरकीज़मीनमें
दिलहैमिरानदामत-ए-पिन्हाँलिएहुए
आज़ादज़ौक़-ए-दीदहोख़ामतोयहाँ
हरआईनाहैजल्वा-ए-जानाँलिएहुए
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Jagan Nath Azad
मैंदिलमेंउनकीयादकेतूफ़ाँकोपालकर
लायाहूँएकमौज-ए-तग़ज़्ज़ुलनिकालकर
पैमाना-ए-तरबमेंकहींबालगया
मैंगरचेपीरहाथाबहुतहीसँभालकर
महफ़िलजमीहुईहैतिरीराहमेंकोई
गर्दिश-ए-ज़मानाबसइतनाख़यालकर
आज़ादजिंस-ए-दिलकोफ़क़तइकनज़रपेबेच
सौदागिराँनहींबहुतक़ील-ओ-क़ालकर
ख़तकेजवाबमेंलगाइतनीदेरतू
मेराअगरनहींहैतोअपनाख़यालकर
क्यूँँमैंनेदिलदियाहैकिसेमैंनेदिलदिया
अक़्लआजमुझसेइतनेसवालकर
दिलयेराह-ए-इश्क़हैराह-ए-ख़िरदनहीं
इसपरक़दमबढ़ातूज़रादेखभालकर
फिरइश्क़बज़्म-ए-हुस्नकीजानिबरवाँहैआज
दीवानगीकोअक़्लकेसाँचेमेंढालकर
'आज़ाद'फिरदकनकासमुंदरहैऔरतू
लेजादिलनज़रकासफ़ीनासँभालकर
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Jagan Nath Azad
फिरलौटकरगएकभीदश्त-ओ-दरसेहम
निकलेबसएकबारकुछइसतरहघरसेहम
कुछदूरतकचलेहीगएबे-ख़बरसेहम
बे-ख़ुदी-ए-शौक़येगुज़रेकिधरसेहम
आज़ादबे-नियाज़थेअपनीख़बरसेहम
पलटेकुछइसतरहसेदकनकेसफ़रसेहम
क़ल्ब-ओ-नज़रकादौरबसइतनाहीयादहै
वोइकक़दमउधरसेबढ़ेथेइधरसेहम
काशयेसदाभीकभीकानमेंपड़े
उट्ठोकिलौटआएहैंअपनेसफ़रसेहम
दिलकाचमनहैकैफ़-ए-बहाराँलिएहुए
गुज़रेथेएकबारतिरीरह-गुज़रसेहम
आताहैइकसितारानज़रचाँदकेक़रीब
जबदेखतेहैंख़ुदकोतुम्हारीनज़रसेहम
इससेज़्यादादौर-ए-जुनूँकीख़बरनहीं
कुछबे-ख़बरसेआपथेकुछबे-ख़बरसेहम
जितनीभीरहगईथीकमीदिलकेदर्दमें
उतनाहीलुटगएहैंमताअ'-ए-नज़रसेहम
रोज़-ए-अज़लसेअपनीजबींमेंतड़परही
वाबस्तायूँँरहेहैंतिरेसंग-ए-दरसेहम
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Jagan Nath Azad
अबमैंहूँआपएकतमाशाबनाहुआ
गुज़रायेकौनमेरीतरफ़देखताहुआ
कैफ़-ए-ग़म-ए-फ़िराक़कीलज़्ज़तजिसेमिली
हासिलउसेविसालनहींहैतोक्याहुआ
ख़ाशाक-ए-ज़िंदगीतोमिलाउसकेसाथसाथ
तेराकरमकिदर्दकाशोलाअताहुआ
दरतकतिरेख़ुदीनेआनेदियाजिसे
आँखोंसेअश्कबनकेवोसज्दाअदाहुआ
शीरीनी-ए-हयातकीलज़्ज़तमेंहैकमी
कुछइसमेंज़हर-ए-ग़मअगरहोमिलाहुआ
कुछकमनहींहोंलज़्ज़त-ए-फ़ुर्क़तसेफ़ैज़-याब
हासिलअगरविसालनहींहैतोक्याहुआ
अबइसमक़ामपरहैमिरीज़िंदगीकिहै
हरदोस्तएकनासेह-ए-मुश्फ़िक़बनाहुआ
येभीज़राख़यालरहेआज़िम-ए-हरम
रस्तेमेंबुत-कदेकाभीदरहैखुलाहुआ
वोक़द्द-ए-नाज़औरवोचेहरेकाहुस्नरंग
जैसेहोफूलशाख़पेकोईखिलाहुआ
पेश-ए-नज़रथीमंज़िल-ए-जानाँकीजुस्तुजू
औरफिररहाहूँअपनापताढूँडताहुआ
कहकरतमामरातग़ज़लसुब्हकेक़रीब
'आज़ाद'मिस्ल-ए-शम-ए-सहरहूँबुझाहुआ
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