ab main hooñ aap ek tamasha banaa hua | अब मैं हूँ आप एक तमाशा बना हुआ

  - Jagan Nath Azad
अबमैंहूँआपएकतमाशाबनाहुआ
गुज़रायेकौनमेरीतरफ़देखताहुआ
कैफ़-ए-ग़म-ए-फ़िराक़कीलज़्ज़तजिसेमिली
हासिलउसेविसालनहींहैतोक्याहुआ
ख़ाशाक-ए-ज़िंदगीतोमिलाउसकेसाथसाथ
तेराकरमकिदर्दकाशोलाअताहुआ
दरतकतिरेख़ुदीनेआनेदियाजिसे
आँखोंसेअश्कबनकेवोसज्दाअदाहुआ
शीरीनी-ए-हयातकीलज़्ज़तमेंहैकमी
कुछइसमेंज़हर-ए-ग़मअगरहोमिलाहुआ
कुछकमनहींहोंलज़्ज़त-ए-फ़ुर्क़तसेफ़ैज़-याब
हासिलअगरविसालनहींहैतोक्याहुआ
अबइसमक़ामपरहैमिरीज़िंदगीकिहै
हरदोस्तएकनासेह-ए-मुश्फ़िक़बनाहुआ
येभीज़राख़यालरहेआज़िम-ए-हरम
रस्तेमेंबुत-कदेकाभीदरहैखुलाहुआ
वोक़द्द-ए-नाज़औरवोचेहरेकाहुस्नरंग
जैसेहोफूलशाख़पेकोईखिलाहुआ
पेश-ए-नज़रथीमंज़िल-ए-जानाँकीजुस्तुजू
औरफिररहाहूँअपनापताढूँडताहुआ
कहकरतमामरातग़ज़लसुब्हकेक़रीब
'आज़ाद'मिस्ल-ए-शम-ए-सहरहूँबुझाहुआ
  - Jagan Nath Azad
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