Ejaz Siddiqi

Ejaz Siddiqi

@ejaz-siddiqi

Ejaz Siddiqi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Ejaz Siddiqi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

0

Content

7

Likes

0

Shayari
Audios
  • Ghazal
नूरकीकिरनउससेख़ुदनिकलतीरहतीहै
वक़्तकटतारहताहैरातढलतीरहतीहै
औरज़िक्रक्याकीजेअपनेदिलकीहालतका
कुछबिगड़तीरहतीहैकुछसँभलतीरहतीहै
ज़ेहनउभारदेताहैनक़्शहालमाज़ीके
इनदिनोंतबीअतकुछयूँँबहलतीरहतीहै
तह-नशीनमौजेंतोपुर-सुकूनरहतीहैं
औरसतह-ए-दरियाकीमौजउछलतीरहतीहै
चाहेअपनेग़मकीहोयाग़म-ए-ज़मानाकी
बाततोबहर-सूरतकुछनिकलतीरहतीहै
ज़िंदगीहैनामउसकाताज़गीहैकामउसका
एकमौज-ए-ख़ूँदिलसेजोउबलतीरहतीहै
कैफ़भीहैमस्तीभीज़हरभीहैअमृतभी
वोजोजाम-ए-साक़ीसेरोज़ढलतीरहतीहै
आजभीबुरीक्याहैकलभीयेबुरीक्याथी
इसकानामदुनियाहैयेबदलतीरहतीहै
होतीहैवोशे'रोंमेंमुनअकिसकभी'एजाज़'
मुद्दतोंघुटनसीजोदिलमेंपलतीरहतीहै
Read Full
Ejaz Siddiqi
वहशत-ए-आसार-ओ-सुकूँसोज़नज़ारोंकेसिवा
औरसबकुछहैगुलिस्ताँमेंबहारोंकेसिवा
अबबे-बाक-निगाहीहैगुस्ताख़-लबी
चंदसह
मेंहुएमुबहमसेइशारोंकेसिवा
साक़ियाकोईनहींमुजरिम-ए-मय-खानायहाँ
तेरेकम-ज़र्फ़-ओ-नज़रबादा-गुसारोंकेसिवा
हसरतेंउनमेंअभीदफ़्नहैंइंसानोंकी
नामक्यादीजिएसीनोंकोमज़ारोंकेसिवा
दूरतककोईनहींहैशजर-ए-साया-दार
चंदसूखेहुएपेड़ोंकीक़तारोंकेसिवा
आपकहतेहैंकिगुलशनमेंहैअर्ज़ानी-ए-गुल
अपनेदामनमेंतोकुछभीनहींख़ारोंकेसिवा
मंज़िल-ए-शौक़मेंइकइककोदियाइज़्न-ए-सफ़र
कोईभीतोमिलाजादा-शुमारोंकेसिवा
ज़ोर-ए-तूफ़ाँतोब-हर-हालहैज़ोर-ए-तूफ़ाँ
किससेटकराएगीमौजअपनीकिनारोंकेसिवा
कौनइसदौरकेइंसाँकामुक़द्दरबनता
चंदआवारा-ओ-मनहूससितारोंकेसिवा
कितनेक़दमोंकीख़राशोंसेलहूरिसताहै
किसकोमा'लूमहैयेराह-गुज़ारोंकेसिवा
बातकरतेहैंवोअबऐसीज़बाँमें'एजाज़'
कोईसमझेजिसेनामा-निगारोंकेसिवा
Read Full
Ejaz Siddiqi
मिलसकेगीअबभीदाद-ए-आबला-पाईतोक्या
फ़ासलेकमहोगएमंज़िलक़रीबआईतोक्या
हैवहीजब्र-ए-असीरीऔरवहीग़मकाक़फ़स
दिलपेबनआईतोक्यायेरूहघबराईतोक्या
अपनीबे-ताबी-ए-दिलकाख़ुदतमाशाबनगए
आपकीमहफ़िलकेबनतेहमतमाशाईतोक्या
बाततोजबहैकिसारागुलिस्ताँहँसनेलगे
फ़स्ल-ए-गुलमेंचंदफूलोंकीहँसीआईतोक्या
लाओइनबे-कैफ़ियोंहीसेनिकालेंराह-ए-कैफ़
वक़्तअबलेगाकोईपुर-कैफ़अंगड़ाईतोक्या
कम-निगाहीनेउसेकुछऔरगहराकरदिया
वोछुपातेहीरहेंरंग-ए-शनासाईतोक्या
फिरज़रासीदेरमेंचौंकाएगाख़्वाब-ए-सहर
आख़िर-ए-शबजागनेकेबा'दनींदआईतोक्या
बेड़ियाँवहम-ए-तअ'ल्लुक़कीनईपहनागए
दोस्तकरकाटतेज़ंजीरतन्हाईतोक्या
शोरिश-ए-अफ़्कारसे'एजाज़'दामानदासही
छिनसकेगीफिरभीफ़िक्र-ओ-फ़नकीरा'नाईतोक्या
Read Full
Ejaz Siddiqi