zarroon ka mehr-o-maah se yaaraana chahiye | ज़र्रों का मेहर-ओ-माह से याराना चाहिए

  - Ejaz Siddiqi
ज़र्रोंकामेहर-ओ-माहसेयारानाचाहिए
बे-नूरियोंकोनूरसेचमकानाचाहिए
ख़्वाबोंकीनावऔरसमुंदरकामद्द-ओ-जज़्र
टकराकेपाशपाशउसेहोजानाचाहिए
निश्तर-ज़नीतोशेवा-ए-अर्बाब-ए-फ़ननहीं
इनदिल-जलोंकोबातयेसमझानाचाहिए
होरक़्सज़िंदगीकेजहन्नमकेइर्द-गर्द
परवानाबनकेकिसलिएजलजानाचाहिए
खोदेंपहाड़औरबरामदहोसिर्फ़घास
मिसरोंकोइसक़दरभीउलझानाचाहिए
फ़नकारऔरफ़नकेतक़ाज़ोंसेना-बलद
एहसास-ए-कमतरीहैतोलड़जानाचाहिए
नाम-ए-हुसैनलेकेहक़ाएक़सेरू-कशी
ऐसोंकोक़ब्ल-ए-मौतहीमरजानाचाहिए
  - Ejaz Siddiqi
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