vehshat-e-aasaar-o-sukoon soz nazaaron ke siva | वहशत-ए-आसार-ओ-सुकूँ सोज़ नज़ारों के सिवा

  - Ejaz Siddiqi
वहशत-ए-आसार-ओ-सुकूँसोज़नज़ारोंकेसिवा
औरसबकुछहैगुलिस्ताँमेंबहारोंकेसिवा
अबबे-बाक-निगाहीहैगुस्ताख़-लबी
चंदसह
मेंहुएमुबहमसेइशारोंकेसिवा
साक़ियाकोईनहींमुजरिम-ए-मय-खानायहाँ
तेरेकम-ज़र्फ़-ओ-नज़रबादा-गुसारोंकेसिवा
हसरतेंउनमेंअभीदफ़्नहैंइंसानोंकी
नामक्यादीजिएसीनोंकोमज़ारोंकेसिवा
दूरतककोईनहींहैशजर-ए-साया-दार
चंदसूखेहुएपेड़ोंकीक़तारोंकेसिवा
आपकहतेहैंकिगुलशनमेंहैअर्ज़ानी-ए-गुल
अपनेदामनमेंतोकुछभीनहींख़ारोंकेसिवा
मंज़िल-ए-शौक़मेंइकइककोदियाइज़्न-ए-सफ़र
कोईभीतोमिलाजादा-शुमारोंकेसिवा
ज़ोर-ए-तूफ़ाँतोब-हर-हालहैज़ोर-ए-तूफ़ाँ
किससेटकराएगीमौजअपनीकिनारोंकेसिवा
कौनइसदौरकेइंसाँकामुक़द्दरबनता
चंदआवारा-ओ-मनहूससितारोंकेसिवा
कितनेक़दमोंकीख़राशोंसेलहूरिसताहै
किसकोमा'लूमहैयेराह-गुज़ारोंकेसिवा
बातकरतेहैंवोअबऐसीज़बाँमें'एजाज़'
कोईसमझेजिसेनामा-निगारोंकेसिवा
  - Ejaz Siddiqi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy